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महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल: मुख्यमंत्री

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देहरादून। भारतीय संस्कृति के महत्व और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर लच्छीवाला में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

सबसे पहले कार्यक्रम में चमोली के रेणी गांव में आई प्राकृतिक आपदा में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए हवन का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर नए आयाम स्थापित कर रही है। पति की पैतृक संपत्ति में महिलाओं के अधिकार कानून को लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बन गया है। राज्य में 32000 महिला समूह सक्रिय हैं। ग्रोत सेंटरों में भी महिलाओं की भागीदारी अत्यधिक है। 60,000 महिला मंगल दल उत्तराखंड में कार्यरत हैं। 13 जिला पंचायतों में 10 महिला जिला पंचायत महिलाएं हैं। और यही स्थिति ब्लॉक प्रमुखों की भी है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में उत्तराखंड अग्रणी हैं। उधम सिंह नगर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ में देश के टॉप 10 जिलों में रहा है।
कार्यक्रम में कोरोनाकाल में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर दर्जा धारी करण वोहरा, मंडल अध्यक्ष विनय कंडवाल, जिला मीडिया प्रभारी संपूर्ण सिंह रावत, राजकुमार पुंडीर, उदय पुंडीर, सभासद राजेश भट्ट, रोहित छेत्री, प्रेम कुमार, लच्छीराम लोधी, सुषमा चौधरी, नगीना रानी, शशी नेगी आदि उपस्थित रहे।

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