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एयरपोर्ट के पास वन विभाग बना रहा रिसर्च नर्सरी, दुर्लभ प्रजाति के पौधों को संरक्षित करने में मिलेगी मदद

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रिसर्च नर्सरी में उगाए जाएंगे विलुप्त प्रजाति के पौधे

Dehradun. जौलीग्रांट एयरपोर्ट के पास वन विभाग द्वारा करीब तीन हेक्टयर भूमि पर एक रिसर्च नर्सरी को तैयार करवाया जा रहा है।

इस नर्सरी में विलुप्त प्रजाति के पौधे तैयार किए जाएंगे। उसके बाद इन पौधों को वन विभाग द्वारा प्रदेश की विभिन्न वन रेंजों में लगाया जाएगा। एयरपोर्ट के पास कोठारी मोहल्ले में आबादी के बीच थानों वन विभाग की काफी जमीन दशकों से खाली पड़ी थी। जिस जमीन पर अब वन विभाग के साल वन वर्धरी इकाई द्वारा एक रिसर्च नर्सरी को तैयार करवाया जा रहा है। जिसमें विभिन्न दुर्लभ प्रजाति के पौधों को तैयार किया जाएगा। एयरपोर्ट के पास इस कार्य को शुरू कर दिया गया है। इस रिसर्च नर्सरी में दुलर्भ और औषधीय पौधों को तैयार किया जाएगा। इससे विलुप्त हो रहे पौधों और औषधीय पौधों को संरक्षित करने में भी मदद मिलेगी।

एयरपोर्ट के पास जिस भूमि पर इस रिसर्च नर्सरी को तैयार किया जा रहा है। उस भूमि के चारों तरफ वन विभाग द्वारा तार-बाढ करवाकर कार्य शुरू कर दिया गया है। रिसर्च नर्सरी के साथ ही हट का निर्माण, सिंचाई को नलकूप और वनकर्मियों के लिए भवन भी बनवाया जाएगा। इससे वन दशकों से खाली पड़ी वन भूमि का वन विभाग द्वारा सदुपयोग भी किया जाएगा। थानों वन विभाग के रेंजर एनएल डोभाल ने कहा कि एयरपोर्ट के पास करीब तीन हेक्टयर भूमि पर वन विभाग की साल वन वर्धनी इकाई द्वारा रिसर्च नर्सरी को तैयार करवाया जा रहा है। जिससे विलुप्त प्रजाति के पौधों को सरंक्षित करने में मदद मिलेगी।

क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया ध्यान

डोईवाला। वन विभाग एयरपोर्ट के पास जिस तीन हेक्टयर भूमि पर रिसर्च नर्सरी तैयार करवा रहा है। वो भूमि आबादी के बीचोबीच है। और यदि इस भूमि को बहुउद्देशीय मैदान के रूप में विकसित किया जाता तो जौलीग्रांट ही नहीं आसपास के पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को एक बड़ा खेल मैदान, बुजुर्गो व महिलाओं को टहलने के लिए मैदान और आसपास के हजारों परिवारों को शादी-समारोह आदि के लिए बड़ी जगह मिल सकती थी। लेकिन इसकी पहल कभी किसी ने नहीं की। और अब जमीन के दशकों खाली पड़े रहने के बाद वन विभाग द्वारा यहां नर्सरी को तैयार करवाया जा रहा है।

भूमाफिया से बचाई करोड़ों की जमीन

डोईवाला। वन विभाग जिस तीन हेक्टयर भूमि पर नर्सरी बनवा रहा है। उस भूमि पर लंबे समय से भूमाफिया की नजर थी। हांलाकि इस भूमि के आसपास कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण भी किया गया है। लेकिन फिर भी वन विभाग ने अपनी काफी जमीन को भूमाफिया के कब्जा करने से पहली ही बचा लिया है। क्योकि जिस जगह पर यह जमीन है। वहां जमीन के दाम अब आसमान छूं रहे हैं।

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