उत्तराखंडदेहरादूनधर्म कर्मस्वास्थ्य और शिक्षा

इठारना में बाल सखा कार्यक्रम के अंतर्गत मार्गदर्शन व परामर्श कार्यक्रम का आयोजन

Listen to this article

विद्यार्थियों के लिए भविष्य निर्माण को मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन

डोईवाला। राजकीय इंटर कॉलेज इठरना में बाल सखा कार्यक्रम के अंतर्गत मार्गदर्शन व परामर्श का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम के द्वारा विद्यालय में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भविष्य निर्माण को मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी विद्यालय के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र सिंह नेगी द्वारा कार्यक्रम के समन्वयक कुलदीप सिंह सैनी प्रवक्ता गणित एवं सह समन्वयक अरविंद हटवाल प्रवक्ता रसायन विज्ञान को नामित घर बाल सखा प्रकोष्ठ की स्थापना की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भविष्य निर्माण हेतु मार्गदर्शन कार्यक्रम किया जाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को अपनी योग्यताओं क्षमताओं रुचियां तथा सामाजिक एवं आर्थिक सीमाओं के अनुरूप भावी कैरियर के चुनाव हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्न जाते हैं एक विद्यालय स्तर पर बाल सखा प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा जिसमें प्रधानाचार्य नोडल अधिकारी, कुलदीप सिंह सैनी कार्यक्रम समन्वयक, अरविंद हटवाल सह समन्वयक होंगे। नंबर दो विद्यालय में एक बालसखा कॉर्नर की स्थापना की गई है जिसमें पोस्टर चार्ट पेपर सॉफ्ट बोर्ड डिस्प्ले आदि के माध्यम से विभिन्न पर कैरियर विकल्पों की जानकारी के संबंध में विवरण उपलब्ध कराया गया।

विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष दयाल सिंह रावत विद्यालय विकास एवं प्रबंध समिति के अध्यक्ष सूरत सिंह राणा एवं विद्यालय के समस्त अध्यापक गण उपस्थित रहे। इस अवसर पर बोलते हुए एसएस नेगी प्रवक्ता भौतिक विज्ञान द्वारा दुनिया के अन्य देशों का का उदाहरण देते हुए बताया गया कि वह देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बहुत आगे हैं। प्रवक्ता हिंदी ओम प्रकाश नौटियाल नौटियाल द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 द्वारा विषय संयोजन में लचीलापन लाने की बात कही गई।

उसके बाद विद्यालय के व्यायाम अध्यापक आनंद सिंह रावत द्वारा भाषा ज्ञान एवं संख्या ज्ञान को सीखने की अनिवार्य शर्त रूप में बताया गया। संस्कृत प्रवक्ता प्रेमलाल भट्ट द्वारा जंगल में स्कूल के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की अलग अलग क्षमता होने की बात कहीं गई। कार्यक्रम का संचालन समन्वयक श्री कुलदीप सिंह सैनी के द्वारा किया गया।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!