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वन चौकीदारों को पहले बैंक के माध्यम से मिलते थे 8232 रूपए प्रतिमाह अब हाथ में थमाए जा रहे 7600 रूपए, शोषण का आरोप

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डोईवाला। वन विभाग में ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत काम कर रहे चौकीदारों का शोषण किया जा रहा है।

जिसकों लेकर अपर जौलीग्रांट में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ चौकीदारों की एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें चौकीदारों ने कहा कि वन विभाग की मनमानी के चलते उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऋषिकेश वन रेंज, बड़कोट वन रेंज, थानों वन रेंज और लच्छीवाला वन रेंज में करीब अस्सी लोग चौकीदार के रूप में कार्य कर रहे हैं। जिन्हे पहले 8232 रूपए का मासिक भुगतान बैंकों के माध्यम से किया जाता था। लेकिन बीते जुलाई से इन सभी चौकीदारों को महीने में 7600 रूपए चौकीदारों के हाथों में थमाए जा रहे हैं। पहले की तुलना में एक चौकीदार को 632 रूपए महीने कम दिए जा रहे हैं।

वन रेंजों में पेड़ों, वन्य जीवों और नदियों के रूप में अमूल्य धन संपदा है। जिसकी चौकीदारी के लिए इन चौकीदारों को रखा गया है। प्लांटेशन से लेकर हाथियों को जंगल में खदेड़ने और गर्मियों में जंगलों को आग बुझाने तक में इन चौकीदारों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। सभासद राजेश भट्ट ने कहा कि वन विभाग को पुरानी व्यवस्था बहाल करते हुए इन चौकीदारों को बैंक के माध्यम से ही पूरा भुगतान दिया जाना चाहिए।

पूर्व प्रधान नरेंद्र नेगी ने कहा कि चौकीदारों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। और इसके लिए वो संबधित विभाग के मंत्री के सामने इस समस्या को उठाएंगे। बैठक में करन, सूरज पिंकी, लक्ष्मी देवी, पवनी देवी, गणेश कुमार, संदीप, रामकुमार, पिंटू, दीपक थापा, प्रेम शर्मा, मातबर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, जीतराम, ललित बहुगुणा, राजकुमार, सत्यम कुमार, श्रीपाल सिंह, पुनीत, हनीफ, सुरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

इन्होंने कहा

पुरानी व्यवस्था खत्म कर ठेकेदारों के माध्यम से चौकीदारों को पेमेंट दी जा रही है। जिसमें ठेकेदारों से टीडीएस काटा जाता है। इसलिए इन चौकीदारों को पहले से कुछ कम पैसें दिए जा रहे हैं। घनानंद उनियाल, रेंजर लच्छीवाला वन रेंज।

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