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(डोईवाला) गन्ने में लगे रोग की नहीं हो सकी पहचान, अब ढकरानी से बुलाई गई वैज्ञानिकों की टीम

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गन्ने में लगे रोग की पहचान को ढकरानी से आएगी वैज्ञानिकों की टीम

डोईवाला। चीनी मिल चलने से पहले किसानों को गन्ने में लगे रोग ने परेशान कर दिया है।

डोईवाला क्षेत्र में काफी किसानों के खेतों में गन्ने की अगेती प्रजाति में रोग लग गया है। जिससे गन्ने की पत्तियां झुलस गई हैं। ऐसे में गन्ने के रोग के कारण पेराई सत्र से ठीक पहले किसान परेशान हो गए हैं।

जिस कारण गन्ना अधिकारियों की एक टीम ने डोईवाला के दूधली, सिमलासग्रांट आदि क्षेत्रों में जाकर किसानों के खेतों में गन्ने का निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम ने पाया कि गन्ने की पत्तियां झुलस रही हैं।

लेकिन अधिकारियों की टीम गन्ने में लगी बीमारी का पता नहीं लगा पाई। जिस कारण अब ढकरानी से वैज्ञानिकों की टीम आकर गन्ने का निरीक्षण कर गन्ने में लगे रोग का पता लगाएगी। गन्ना अधिकारियों को आशंका थी कि कहीं गन्ने में रेड रॉट (लाल सडन) रोग न लगा हो। इस रोग को गन्ने का कैंसर भी कहा जाता है।

लेकिन अधिकारियों की टीम को मौके पर जाकर ऐसा कुछ नहीं लगा। क्योंकि गन्ने की सिर्फ पत्तियां झुलसी हुई पाई गई हैं। गन्ने का तना बिलकुल ठीक पाया गया। जिस कारण अब ढकरानी से वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया गया है। जो डोईवाला आकर गन्ने में लगी बीमारी का पता लगाएगी।

 

उल्लेखनीय है कि दूधली और आसपास के सैकड़ों किसान देहरादून ही नहीं पूरे प्रदेश की सबसे प्रदूषित नदी में सुमार सुसवा के पानी से सिंचाई करते हैं। जिससे फसलों पर तो प्रतिकुल असर पड़ ही रहा है।

किसानों को चर्म रोग जैसी कई दूसरी बिमारियों का भी खतरा बढ गया है। डोईवाला गन्ना समिति सचिव गजेंद्र रावत ने कहा कि गन्ने में रेड रॉट रोग नहीं है। गन्ने की पत्तियों में कोई रोग लगा है। जिसकी जांच के लिए ढकरानी से वैज्ञानिकों की टीम बुलाई गई है।

यह रोग गन्ने की अगेती प्रजाति में लगा है। वैज्ञानिकों की टीम ही जांच के बाद रोग के बारे में बता पाएगी। मौके पर सहायक गन्ना आयुक्त हिमानी पाठक, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक श्रीपाल सिंह, गन्ना पर्यपेक्षक सुनील कुमार, नागेंद्र राणा, शेरसिंह मीणा आदि उपस्थित रहे।

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