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आवारा पशुओं से निपटने को “रणनीति तैयार”, समिति इस तरह करेगी काम

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चारों तरफ आवारा पशुओं का आतंक, खेती पर छाया संकट

डोईवाला। पशुपालकों द्वारा छोड़े गए गौवंश से खेती और लोगों की जान पर संकट गहरा गया है।

यही कारण है कि लोगों ने क्षेत्र में आवारा घूम रहे गौवंश और किसानों की खेती बचानों को एक सकारात्मक पहल की है। क्षेत्र के सभासदों, जनप्रतिनिधियों और किसानों की एक बैठक जौलीग्रांट बारातघर में आयोजित की गई। जिसमें समिति बनाकर गौवंश और खेती बचाने पर सहमति बनी।

भाजपा नेता डबल सिंह भंडारी ने कहा कि लोग दूध पीने के बाद जानवरों को सड़कों पर छोड़ देते हैं। जिससे राहगीरों की जान खतरे में पड़ गई है। आवारा पशु खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसान पहले ही जंगली जानवरों से परेशान थे। आवारा पशुओं के रूप में एक दूसरा संकट क्षेत्रवासियों के सामने खड़ा हो गया है।

राजकुमार पुण्डीर ने कहा कि बैठक में जौलीग्रांट, कालूवाला, बड़ोवाला और अन्य क्षेत्र के लोगों की एक समिति बनाने पर सहमति बनी है। समिति बनाने के बाद आवारा पशुओं को पकड़ा जाएगा। आवारा पशुओं को रखने के लिए जमीन की भी तलाश की जा रही है। पशुओं को रखने, उनके खान पान की व्यवस्था करने के लिए कई विकल्प तलाशे जा रहे हैं। ये समिति अगले हफ्ते से कार्य करना शुरू कर देगी। सभासद राजेश भट्ट ने कहा कि गांयों की टेंगिंग करके लोगों को जागरूक बनाने के प्रयास किए जाएंगे। जमीन के लिए वन महकमे से भी बात की जा रही है।

किसान आदेश पुण्डीर ने कहा कि लोगों का खेती और पशुपालन से मोह भंग होता जा रहा है। और लोग अब प्योर दूध के स्थान पर थैली वाले दूध को पसंद कर रहे हैं। जिससे गौवंश सड़कों पर छोड़े जा रहे हैं। बैठक में विनीत मनवाल, राकेश डोभाल, गंभीर रावत, रमनलाल, हरपाल पुण्डीर, वीरेंद्र मनवाल, उधम सिंह सोलंकी, स्वदेश मोहन, राजपाल रावत, महेंद्र सोलंकी, प्रवीण सिंधवाल, जितेंद्र सोलंकी आदि उपस्थित रहे।

 

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