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सौंग नदी से जौलीग्रांट नहर में पानी आने से बुझेगी खेतों की प्यास

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जौलीग्रांट-कालूवाला के किसानों में जगी सिंचाई की आस

देहरादून। कालूवाला में सौंग नदी से निकलने वाली जौलीग्रांट नहर में लंबे समय बाद सिंचाई का पानी आया है।

जिससे किसानों में सिंचाई की आस जगी है। सौंग नदी में वैध और अवैध खनन के कारण सौंग नदी से निकलने वाली जौलीग्रांट नहर पूरी तरह सूख चुकी है। कारण ये है कि भारी मशीनों से नदी में किए खनन के कारण नदी गहरी और नहर ऊंची हो चुकी है। जिस कारण नहर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। दूसरा कारण लगातार बारिश का कम होना भी है।

पेड़ों और जंगलों के अंधाधुंध कटान से अब बारिश पहले की तुलना में आधी भी नहीं होती है। जिस कारण सौंग और दूसरी क्षेत्र की नदियों में बरसात में भी नाममात्र पानी आता है। इसी कारण किसानों को डीएम और सिंचाई अधिकारियों से मिलकर गुहार लगानी पड़ी थी। जिस के बाद अब किसी तरह नदी से नहर में पानी पहुंचा दिया गया है।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीसी उनियाल ने मौके पर पहुंचकर सिंचाई विभाग की इस नहर के हेड में कार्य शुरू करवाया। जिसके बाद नहर में पानी आ गया है। क्षेत्रीय किसान वह गन्ना समिति के अध्यक्ष मनोज नौटियाल ने कहा कि नहर में पानी आने से कम से कम अप्रैल के महीने में किसानों को सिंचाई का पानी मिल पाएगा। जिससे लगभग पंद्रह सौ बीघा भूमि को कुछ सिंचाई पानी मिल सकेगा। इस अवसर पर सहायक अभियंता खुशवंत सिंह चौहान, अवर अभियंता आशीष यादव जोगिंदर पाल,

जयप्रकाश पाल, तेग सिंह सोलंकी, प्रधान पंकज रावत, सभासद नरेश मनवाल, देवेंद्र सिंधवाल, सुधीर रावत, राधेश्याम वर्मा, सुशांत सिंधवाल, आशीष मनवाल, मनु पुंडीर, भोपाल सिंह, धर्म सिंह कृषाली, नीरज कृषाली, फतेह सिंह नेगी, धन सिंह सोलंकी आदि उपस्थित रहे।

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