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पुलिस ने किया सेलाकुई में हुए मर्डर का खुलासा, मकान बना रहा राजमिस्त्री ही निकला महिला का हत्यारा

देहरादून। पुलिस ने सेलाकुई क्षेत्र में हुई वृद्ध महिला के मर्डर का खुलासा किया है।

दिनांक 10-07-22 को कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना सेलाकुई को सूचना प्राप्त हुई कि सेलाकुई थापा गली मे एक कमरे मे एक वृद्द महिला अचेत अवस्था मे पडी है। सूचना पर थानाध्यक्ष सेलाकुई मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंचे तो मौके पर एक वृद्द महिला शिमला देवी पत्नी रामस्वरूप उम्र 75 वर्ष मूल निवासी ग्राम रामपुर मनिहारान थाना रामपुर मनिहारान, जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश हाल निवासी थापा गली सेलाकुई, जनपद देहरादून कमरे में बिस्तर में पड़ी हुई थी,

कुछ समय पश्चात मृतिका का पुत्र प्रदीप भी मौके पर पहुंचा। मृतका के परिजनों की मौजूदगी में महिला पुलिसकर्मी द्वारा मृतका के शव का निरीक्षण कराया गया तो मृतक महिला के गले पर हल्के काले धब्बे दिखाई दिए, जिस पर थानाध्यक्ष सेलाकुई द्वारा फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया।

पूछताछ करने पर पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई की मृतका शिमला देवी अपने पुत्र प्रदीप व अन्य परिजनों के साथ थापा गली में किराये के मकान में रहती थी। और विगत 3 माह से थापा गली में ही उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, जिस कारण वह अपने निर्माणाधीन मकान के सामने प्रहलाद के मकान में किराए में रह रहे थे।

कुछ दिन पूर्व मृतका के बडे पुत्र की सिंहनीवाला सहसपुर में नदी में डूबने से मृत्यु हो गयी थी, जिस कारण उनका छोटा पुत्र प्रदीप विगत 3-4 दिनों से देहरादून में ब्राहमणवाला स्थित अपने बडे भाई के घर पर रह रहा था। दिनांक: 10-07-22 को दिन के समय 2-3 बजे के बीच उसके द्वारा अपनी माता से वार्ता करने के लिये अपने पड़ोसी किरायेदारों को फोन कर बात कराने के लिए कहा गया तो पड़ोसियों ने जाकर देखा कि शिमला देवी अपने बिस्तर पर चित्त पड़ी हुई थी।

दिनाँक: 11-07-2022 को मृतिका के पुत्र प्रदीप द्वारा थाना सेलाकुई में आकर तहरीर दी गयी कि दिनाँक 11-07-22 को उसके द्वारा तस्सली से पूरे कमरे में खोजबीन की गयी तो देखा कि कमरे के अन्दर रखे बक्से में से 2500/- रुपये गायब थे और उक्त बक्से में एक तरफ के कुण्डे में पूर्व की भांति ही ताला लगा हुआ था।

जिस पर उसके द्वारा अपने निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मिस्त्री इरफान पर शक जाहिर करते हुए बताया कि, इरफान को पता था कि मैं उक्त बक्से में रूपये रखता था। पूर्व में भी उसके द्वारा इरफान के सामने उक्त बक्से में से पैसे निकालकर उसकी मजदूरी का भुगतान किया गया था।

इरफान जानता था कि उक्त बक्से में एक तरफ के कुण्डे में ताला लगा होने के बावजूद भी दूसरी तरफ से बक्से के ढक्कन को ऊपर उठाकर बिना ताला खोले ही उसमें से पैसे निकाले जा सकते हैं। इसलिए शक है कि इन रुपयों के लालच में ही इरफान ने उसकी माँ की हत्या कर दी है।

वादी प्रदीप की दी गई तहरीर के आधार पर थाना सेलाकुई में मु0अ0सँ0 174/22 धारा 302/380 भा0द0वि0 बनाम इरफान पंजीकृत किया गया।

पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही:-
इरफान के सम्बन्ध में वादी से जानकारी करने पर उसके द्वारा इरफान का कोई स्पष्ट पता ज्ञात न होना और न ही उसका कोई फोन नम्बर अथवा फोटो इत्यादि होना बताया गया, लेकिन वादी द्वारा इरफान के साथ मकान निर्माण सम्बन्धी सामग्री लेने जाना बताया गया, उक्त स्थानों के सीसीटीवी फुटेज चैक करने पर भी पुलिस को इरफान के सम्बन्ध में कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हुई।

मुखबिर के माध्यम से पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि सेलाकुई क्षेत्र में बुजुर्ग महिला की हत्या में नामजद इरफान को कुछ समय पहले रामपुर के पास आसन नदी के किनारे देखा गया है, जो सम्भवतः नदी के किनारे छिपते छुपाते देहरादून से बाहर भागने की फिराक में है, पुलिस से बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदल लिया है तथा दाढ़ी- मूछ कटवा दी है, जिससे कोई उसे पहचान न सके।

जिस पर पुलिस टीम मुखबिर को साथ लेकर बताये गये स्थान के पास सिंहनीवाला पुल पर पहुंचे तो मुखबिर ने सामने से आ रहे एक व्यक्ति की ओर इशारा करते हुए बताया कि उक्त व्यक्ति ही इरफान है। जिस पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर उक्त व्यक्ति को घेर कर पकड लिया गया।

पूछताछ में इरफान द्वारा बताया गया कि वो गांव बेहट में मजदूरी का काम करता था, परन्तु वहां कोई खास आमदनी न होने के कारण मैं काम की तलाश में लगभग 04 वर्ष पूर्व देहरादून आ गया, इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रदीप पाल, जो देहरादून में विक्रम चलाने का काम किया करता है, से हुई और सेलाकुई में प्रदीप के घर मेरा अक्सर आना जाना हो गया, प्रदीप ने उसे बताया था कि उसका बडा भाई राजकुमार प्रापर्टी का काम करता है तथा अपने परिवार के साथ ब्राहमणवाला देहरादून में रहता है।

इस दौरान मैं कई बार रात के समय प्रदीप के घर पर भी रूका। इस बीच प्रदीप ने सेलाकुई अपने मकान का निर्माण कार्य शुरू दिया, जहां पर वो राजमिस्त्री का काम करने लगा। प्रदीप अक्सर उसके सामने ही अपने कमरे में रखे बक्से से पैसे निकालकर निर्माण सामग्री तथा हमारी मजदूरी के पैसों का भुगतान किया करता था। पिछले कुछ समय से बारिश के कारण मकान का निर्माण कार्य बन्द था और अन्य स्थानों पर मजदूरी का काम न मिलने से उसकी आर्थिक स्थिती खराब चल रही थी।

इसी बीच प्रदीप किसी काम से 03-04 दिनों के लिये देहरादून चला गया। दिनांक: 09-07-2022 को उसने सेलाकुई देसी शराब के ठेके पर शराब पी और उसके बाद रात में प्रदीप के घर चला गया। रात में काफी देर तक प्रदीप की मां से बात करने के बाद मैं वहीं पास में ही पडी चारपाई पर लेट गया। आर्थिक स्थिती ठीक न होने के कारण उसके मन में लालच आ गया और रात के समय मैने प्रदीप की मां का गला दबाकर उनकी हत्या कर दी।

बक्से की चाबी उसे मृतका शिमला देवी के पास ही मिल गयी थी, जिससें बक्से को खोला, उसे उम्मीद थी की प्रदीप का घर बन रहा है तो बक्से के अन्दर काफी पैसे मिलेंगे लेकिन उसमें मात्र 2500/- रूपये ही मिले, इसके अलावा बक्से में और कुछ भी कीमती सामान नहीं था।

जिसके बाद वो वहां से चला गया और रात भर पुलिस के डर से एक बगीचे में छुपा रहा। अगले दिन उसे जानकारी हुई कि पुलिस उसे तलाश कर रही है तो वो दिन भर उसी बगीचे में छुपा रहा और आज बगीचे से छुपते-छुपाते नदी के किनारे-किनारे मुख्य मार्ग पर आकर बस पकडकर भागने की फिराक में था, पर उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड लिया।

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