उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने 15 अगस्त की पूर्व संध्या पर शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के परिजनों से की भेंट, किया सम्मानित

देहरादून। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहीदों के परिजनों के सम्मान एवं उनसे आत्मीय संवाद की कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज देहरादून के भाऊवाला स्थित शहीद अमित कुमार अणथ्वाल के निवास पर पहुंचे और उनके परिजनों से भेंट की। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता नागेंद्र प्रसाद अणथ्वाल सहित परिवार के अन्य सदस्यों से उनकी कुशलक्षेम जानी तथा वीर सपूत को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए शहीद के परिजनों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का भी पावन पर्व है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और सम्मान का भाव रखती है तथा उनके साथ सदैव खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान पूरे समाज और राष्ट्र का सम्मान है।

विदित है कि पौड़ी गढ़वाल जनपद के कल्जीखाल विकासखंड के ग्राम क्वाला के वीर सपूत शहीद अमित कुमार अणथ्वाल ने राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। वे 9 दिसंबर 2011 को गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे और बाद में 4 पैरा स्पेशल फोर्स में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में थी। अप्रैल 2020 में केरन सेक्टर में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान उन्होंने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए अपने साथियों के साथ पाँच आतंकवादियों को मार गिराया। इस साहसिक अभियान में अमित कुमार अणथ्वाल सहित पाँच वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

ये भी पढ़ें:  निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सायना ने दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का किया सघन निरीक्षण, व्यवस्थाओं में लापरवाही पर दिए कड़े निर्देश

शहीद अमित कुमार अणथ्वाल की वीरता और पराक्रम को राष्ट्र ने सम्मानित करते हुए उन्हें सेना मेडल (मरणोपरांत) से अलंकृत किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि ने देश को अनेक वीर दिए हैं और शहीद अमित कुमार अणथ्वाल का नाम भी उन अमर वीरों में सदैव सम्मान और गर्व के साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके बलिदान और वीरता को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने तथा शहीद परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!