उत्तराखंडदेहरादूनराजनीति

नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती परीक्षा में 10 प्रतिशत पद राजस्व उप निरीक्षक के लिए आरक्षित करने की मांग

लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में उठाई कई मांगें

डोईवाला। उत्तराखंड लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई। जिसमें कई मांगों को रखा गया।

बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष हुक्म चंद्रपाल ने कहा कि पांच वर्ष की लेखपाल सेवा के बाद नायब तहसीलदार की सीधी भर्ती परीक्षा पर 10 प्रतिशत पद विभागीय परीक्षा/रैंकर परीक्षा के आधार पर राजस्व उप निरीक्षक के लिए आरक्षित किए जाने चाहिए। ई डिस्ट्रिक्ट सेवा के अंतर्गत ऑनलाइन जारी होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्र आय/ जाति/स्थाई/ हैसियत प्रमाण पत्रों पर पूर्ण रूप से आवेदक की जिम्मेदारी तय हो अनावश्यक रूप से राजस्व उप निरीक्षक का उत्पीड़न ना किया जाए, इसके लिए एक्ट में बदलाव के लिए शासन से पुरजोर तरीके से मांग उठानी चाहिए।

प्रांतीय महामंत्री ओमप्रकाश ने कहा कि स्वामित्व योजना व ई डिस्ट्रिक्ट से संबंधित योजनाओं को त्वरित रूप से करने के लिए प्रत्येक राजस्व उप निरीक्षक को लैपटॉप ,स्कैनर तथा प्रिंटर की व्यवस्था शीघ्र प्रदान की जानी चाहिए। स्टेशनरी भत्ता एक हजार रूपए लागू किया जाना चाहिए। मैदानी क्षेत्रों में बढ़ती हुई जनसंख्या के दृष्टिगत राजस्व उप निरीक्षक क्षेत्रों का शीघ्र ही पुनर्गठन कराया जाना चाहिए।

जिलामंत्री मनोज मिश्रा ने कहा कि रिक्त राजस्व उप निरीक्षक क्षेत्रों में जब तक नियमित तैनाती ना हो जाए, तब तक आउट सोर्स के माध्यम से सेवानिवृत्त राजस्व उप निरीक्षकों की तैनाती की जानी चाहिए। सभी ऑनलाइन प्रमाण पत्रों को निस्तारित करने के लिए समयावधि 15 दिन के स्थान पर 30 दिन की जानी चाहिए। कहा कि पदोन्नति के संबंध में चार्टर एक्ट लागू हो ताकि कार्मिकों को समय से पदोन्नति का लाभ मिल सके। बैठक में जिलाध्यक्ष ताराचंद घिल्डियाल, देवम घिल्डियाल, संगत सैनी आदि उपस्थित रहे।

 

ये भी पढ़ें:  Éclat 2026 में बिखरी विद्यार्थियों की प्रतिभा की चमक, धूमधाम से मनाया गया Radiance Institute of Management Studies का 12वाँ Founders’ Day

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!