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डोईवाला के पहाड़ी क्षेत्र हल्द्वाड़ी में नहीं पहुंच पाई सड़क , पेयजल योजनाओं का भी बुरा हाल

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दृष्टिकोण समिति ने हल्द्वाड़ी गांव में लोगों से मुलाकात कर समस्याओं को जाना

डोईवाला। डोईवाला विधानसभा के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों और पेयजल योजनाओं का बुरा हाल है।

हल्द्वाड़ी गांव तक सड़क नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त किया। वहीं गांव में पानी की दो योजनाएं ठप होने की वजह से लोगों को कई घंटे पानी के स्रोतों से पेयजल ढोकर लाने को मजबूर होना पड़ रहा है। दृष्टिकोण समिति के सदस्यों ने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के हल्द्वाड़ी गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की।

ग्रामीणों ने सड़क और पानी नहीं मिलने पर आगामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। समिति के अध्यक्ष मोहित उनियाल ने बताया कि धारकोट से करीब नौ किमी दूर इस गांव तक पांच किमी सड़क का निर्माण होना था। जो नहीं हो पाया है। जिस कारण ग्रामीणों को उबड़-खाबड़ कच्चा रास्ते से  जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है। गांव तक सड़क नहीं बनने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गांव में स्थित प्राइमरी भवन की हालत खराब है। बच्चों को पांचवी कक्षा के बाद लड़वाकोट और आठवीं के बाद टिहरी जिले के रंगड़ गांव या फिर देहरादून के धारकोट स्थित विद्यालयों में जाना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल जाने और आने में लगभग 16 किमी0 पैदल चलना पड़ता है। रंगड़ गांव के रास्ते में सौंग नदी पार करनी पड़ती है।

उन्होंने बताया कि गांव में पानी की एक योजना की पाइप लाइन सड़क बनने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। जो लगभग डेढ़ साल में भी ठीक नहीं हुई। सौर ऊर्जा से चलने वाली पंपिंग योजना से वर्ष में मात्र दो माह ही पानी मिल पाता है। गांव में घरों में नल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें जल नहीं हैं। उनियाल ने इस दौरान पूरे गांव का भ्रमण करके ग्रामीणों से कृषि में आ रही दिक्कतों पर बातचीत की।

उन्होंने बताया कि सड़क और पानी नहीं होने से ग्रामीणों में काफी रोष है । इस दौरान उन्होंने गांव के निवासियों अरुण नेगी, गजेंद्र सौलंकी, भगवान सिंह नेगी, चरण सिंह सौलंकी, राम सिंह सौलंकी, गंभीर सौलंकी, पिंगला देवी, रीना देवी, सुशीला देवी, विक्रम सिंह सोलंकी, ज्ञान सिंह नेगी, राजेन्द्र सिंह सोलंकी, जयराज सिंह सोलंकी आदि ग्रामीणों से मुलाकात कर समस्याओं को जाना।

 

 

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