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इन स्थानों पर यूरिया खाद की किल्लत से किसान हुए परेशान, अभी तक नहीं हुआ समाधान

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डोईवाला और भानियावाला में सभी किसान समितियों में यूरिया खाद की किल्ल्त

डोईवाला। कृषक सेवा सहकारी समितियों में पिछले कई दिनों से यूरिया खाद की किल्लत चल रही है। जिससे किसान परेशान हैं।

किसान सहकारी समिति के चक्कर लगा लगा कर परेशान हो चुके हैं। यूरिया न मिलने के कारण किसानों की गेहूं की फसल खराब होने की कगार पर है। गन्ना किसान सहकारी समिति डोईवाला, किसान सहकारी समिति प्रेमनगर और सहकारी समिति भानियावाला में पिछले कई दिनों से यूरिया खाद की किल्लत चल रही है। किसान अपनी गेहूं की फसल को लेकर काफी परेशान है। किसान उमेद बोरा का कहना है कि गेहूं की फसल में यूरिया डालना है, लेकिन समिति पर यूरिया खाद न मिलने से किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

बाजार में भी यूरिया खाद नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि अगर फसल मे समय से यूरिया खाद नहीं डाला गया तो फसल नष्ट हो सकती है। उनकी मांग है कि सहकारी समितियों में यूरिया जल्द उपलब्ध करवाया जाए। इस सबंध में डोईवाला गन्ना समिति के सचिव गजेंद्र रावत ने कहा कि बीते शनिवार तक किसानों को यूरिया दिया गया था। उनकी तरफ से डिमांड भेजी गई है। और संबधित अधिकारियों से भी इस संबध में उनकी बातचीत हुई है। मार्च के पहले हफ्ते तक यूरिया समितियों में पहुंच जाएगा। जिससे किसानों को फिर से यूरिया मिलना शुरू हो जाएगा।

किसान कर सकते हैं नैनो यूरिया के छिड़काव

डोईवाला। किसान अपने खेतों में यूरिया खाद के स्थान पर नैनो यूरिया का इस्तेमाल कर सकते हैं। नैनो यूरिया को फसलों पर छिड़काव के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जितने रकबे में यूरिया के एक बैग को बोया जाता है। उतने ही रकबे में नैनो यूरिया की एक आधा लीटर की बोतल द्वारा छिड़काव किया जाता है। और आधा लीटर की कीमत भी एक बैग यूरिया से करीब 26 रूपए कम पड़ती है।

नैनो यूरिया सुरक्षित पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ खेती हेतु उपयोगी है। बिना उपज प्रभावित किए यूरिया तथा अन्य नाइट्रोजन युक्त यूरिया की बचत करता है। वातावरण प्रदूषण की समस्या से मुक्ति यानि मिट्टी हवा और पानी की गुणवत्ता में सुधार के साथ उर्वरक उपयोग दक्षता भी इसकी अधिक है। गन्ना समिति के सचिव गजेंद्र रावत ने कहा कि नैनो यूरिया समितियों में उपलब्ध है। इसका प्रयोग कर किसान खेती से अधिक लाभ ले सकते हैं।

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