उत्तराखंडदेशदेहरादूनधर्म कर्मराजनीतिराज्य

संतानदायिनी शक्ति शिरोमणि माता अनुसूया देवी मेले का शुभारंभ

गौचर /चमोली। संतानदायिनी शक्ति शिरोमणि माता अनसूया मेले का शुभारम्भ कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से मेले के आयोजन के लिए 15 लाख देने तथा अगले मेले से पूर्व पैदल मार्ग पर 10 शौचालय निर्माण कराने की बात कही।

दत्तात्रेय जयंती के अवसर पर क्षेत्र की सभी देवियों डोलियां भी सती मां अनसूया के दरवार पहुॅची।

मॉ अनसूया मंदिर में दत्तात्रेय जयंती पर सम्मपूर्ण भारत से हर वर्ष निसंतान दंपत्ति और भक्तजन अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए पहुॅचते है।

जिला प्रशासन ने मेले के दौरान पूरे पैदल मार्ग पर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए है। विदित हो कि पौराणिक काल से दत्तात्रेय जंयती पर हर वर्ष सती माता अनसूया में दो दिवसीय मेला लगता है।

मान्यता है कि मां के दर से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। मां सबकी झोली भरती है। इसलिए निसंतान दंपत्ति पूरी रात जागकर मां की पूजा अर्चना कर करते है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में जप और यज्ञ करने वालों को संतान की प्राप्ति होती है।

इसी मान्यताओं के अनुसार, इसी स्थान पर माता अनसूया ने अपने तप के बल पर त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और शंकर) को शिशु रूप में परिवर्तित कर पालने में खेलने पर मजबूर कर दिया था।

बाद में काफी तपस्या के बाद त्रिदेवों को पुनः उनका रूप प्रदान किया और फिर यहीं तीन मुख वाले दत्तात्रेय का जन्म हुआ।

इसी के बाद से यहां संतान की कामना को लेकर लोग आते हैं। यहां दत्तात्रेय मंदिर की स्थापना भी की गई है।

बताते है कि ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने मां अनुसूया के सतीत्व की परीक्षा लेनी ही पर यहां मेला और पूजा अर्चना होती है।

ललिता प्रसाद लखेड़ा की रिपोर्ट

ये भी पढ़ें:  धामी सरकार की पहल, प्रदेश भर में सरकारी आवासों के पुनर्निर्माण और नए निर्माण की योजना तेज

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!