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पारंपरिक और पहाड़ी व्यंजन कुपोषण मिटाने में सबसे अधिक कारगर

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2022 तक कुपोषण को कम करके 22 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य

Dehradun. बाल विकास विभाग द्वारा मनाए जा रहे पोषण माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों जौलीग्रांट सेक्टर और सुपरवाइजर द्वारा स्कूटर रैली निकाली गई।

रैली निकालकर नारे लगाते हुए लोगों को जागरूक किया गया। रैली का शुभारंभ राज्य मंत्री करण वोहरा द्वारा किया गया। रैली का समापन बारातघर जौलीग्रांट में हुआ। बारात घर में आयोजित कार्यक्रम में अम्मा के स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें मुख्य अतिथि राज्य मंत्री वोहरा ने कहा कि कोरोना काल में लोगों को कोरोना का डर सता रहा है। लेकिन बाल विकास विभाग और खासकर आंगनबाड़ी कार्यकत्री अपनी जान खतरे में ड़ालकर लोगों को स्वास्थ बनाने का प्रयास कर रही हैं।

कहा कि जंक और फास्ट फूड से हो रहे नुकसान के बाद अब विशेषज्ञ इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि हमारी दादी, नानी जो खाना बनाकर अपने परिवार को खिलाती थी। उससे बेहतर भोजन आज तक कोई नहीं है।

खाना बनाने में बर्तनों का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। एल्यूमीनियम के बर्तन का खाना स्वास्थ के लिए खतरनाक होता है। इसलिए मिट्टी, पीतल, लोहे या पारंपरिक बर्तनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। सुपरवाइजर रेणू लांबा ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार के किसी भी कार्यक्रम में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। पोषण मिशन को भी आंगनबाड़ी एक त्योहार के रूप में मनाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं।

नपा अध्यक्ष सुमित्रा मनवाल ने कहा कि उनकी कोशिश होती है कि वो पारंपरिक बर्तनों और तरीकों का इस्तेमाल कर खाना बनाकर अपने परिवार को खिलाएं। भाजपा नेता राजकुमार पुण्डीर ने कहा कि पारंपिरक रहन-सहन और खान-पान को छोड़ देना ही अधिकांश बिमारियों की जड़ है।

सभी को अपनी जड़ों की तरफ लौटना ही होगा। इस अवसर पर एएनएम सत्तेश्वरी देवी, सभासद राजेश भट्ट, मीना, लक्ष्मी कोठियाल, सुनीता राणा, किरण, सरोज, रजनी रावत, गीता, रजनी राणा, ऊषा, सीमा, शांति, रितु, दीपा, संतोष, राधा उनियाल, शक्ति, राधा, विजयलक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।

मानदेय बढाने को लेकर राज्यमंत्री करेंगे मुख्यमंत्री से वार्ता

Dehradun. कार्यक्रम में सभासद राजेश भट्ट ने कहा कि कोरोनाकाल में आंगनबाड़ी कार्यकत्रीयों ने अपने छोटे बच्चों और परिवार को छोड़कर जिस तरह कार्य किया है। उसे हमेशा याद रखा जाएगा। उनका राज्यमंत्री से अनुरोध है कि वो इस बारे में मुख्यमंत्री से जरूर वार्ता करें।

राज्यमंत्री करन बोहरा ने कहा कि उन्होंने पहले ही आंगनबाड़ी के मानेदय को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता की थी। लेकिन वो आंगनबाड़ी की मेहनत को देखते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री से इस बारे में वार्ता करेंगे। और उन्हे विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस संबध में जरूर कोई सकारात्मक फैसला लेंगे।

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