उत्तराखंड

रुद्रप्रयाग से ऑक्सफोर्ड तक गूंजा उत्तराखंड का गौरव: डॉ. केएस पंवार को महात्मा गांधी लीडरशिप अवॉर्ड-2026, स्पेशलिटी केमिकल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में योगदान का अंतरराष्ट्रीय सम्मान

  • रुद्रप्रयाग से उड़ान, ऑक्सफोर्ड में सम्मान-पहाड़ के बेटे ने विश्व पटल पर बढ़ाया देवभूमि का मान

देहरादून। उत्तराखंड के उद्योग जगत के लिए यह गौरव और प्रेरणा की खबर है। रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ क्षेत्र के गैड़ गांव में जन्मे प्रसिद्ध उद्योगपति, समाजसेवी और उत्तराखंड सरकार के पूर्व औद्योगिक सलाहकार डॉ. केएस पंवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित महात्मा गांधी लीडरशिप अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान स्पेशलिटी केमिकल्स फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्र में उत्कृष्ट नवाचार और उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

12 अगस्त 2026 को यूनाइटेड किंगडम के ऑक्सफोर्ड स्थित लॉर्ड मेयर ऑफ ऑक्सफोर्ड के काउंसिल चैंबर में आयोजित गरिमामय समारोह में डॉ. पंवार को यह सम्मान प्रदान किया गया। प्रमाणपत्र के अनुसार सम्मान लॉर्ड मेयर ऑफ ऑक्सफोर्ड Cheme Munkonge की ओर से प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन NRI Welfare Society (Registered) की ओर से किया गया।

स्पेशलिटी केमिकल्स में नवाचार ने दिलाई वैश्विक पहचान डॉ. केएस पंवार पॉलीगॉन केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन हैं। स्पेशलिटी केमिकल्स के क्षेत्र में उनके नवाचारों तथा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में योगदान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली यह मान्यता उनके लंबे औद्योगिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

NRI Welfare Society की ओर से डॉ. पंवार को इससे पहले भेजे गए पत्र में उन्हें इस अवॉर्ड के लिए चयनित किए जाने की जानकारी दी गई थी। संस्था के अनुसार ऑक्सफोर्ड में आयोजित ‘Celebrating Global Indians’ कार्यक्रम में दुनिया के विभिन्न देशों से 125 से अधिक विशिष्ट हस्तियों ने भाग लिया। अवॉर्ड प्रमाणपत्र पर NRI Welfare Society के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. वी.के. शाह और कन्वीनर डॉ. दीपक सिंह के हस्ताक्षर भी अंकित हैं।

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गैड़ गांव से शुरू हुआ सफर, उद्योग जगत में बनाई पहचान रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ क्षेत्र के गैड़ गांव से निकलकर डॉ. पंवार ने उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। पहाड़ की कठिन परिस्थितियों के बीच शुरू हुआ उनका सफर आज अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है। उद्योग और कारोबार के साथ उन्होंने रोजगार सृजन, स्वरोजगार और सामाजिक सरोकारों को भी अपने कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

पिछले कई दशकों से वह उत्तराखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों और देशों में रोजगार के अवसर सृजित करने तथा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

उद्योग के साथ शिक्षा और पहाड़ी संस्कृति से भी जुड़ाव डॉ. पंवार का योगदान केवल उद्योग जगत तक सीमित नहीं है। सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल के माध्यम से शिक्षा के साथ युवा पीढ़ी को अपनी बोली-भाषा और पहाड़ी संस्कृति से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। यही वजह है कि उनकी पहचान एक उद्योगपति के साथ-साथ समाजसेवी और उत्तराखंड से जुड़े व्यक्ति के रूप में भी बनी है।

उत्तराखंड सरकार के पूर्व औद्योगिक सलाहकार के रूप में भी उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों में योगदान दिया है। औद्योगिक और सामाजिक क्षेत्र में लंबे समय के कार्य के चलते उन्हें इससे पहले भी देश-विदेश में विभिन्न सम्मानों से नवाजा जा चुका है।

“पहाड़ की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर पहचान” ऑक्सफोर्ड में मिला यह सम्मान डॉ. पंवार की व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़कर उत्तराखंड की औद्योगिक प्रतिभा की वैश्विक पहचान को रेखांकित करता है। रुद्रप्रयाग के एक छोटे से गांव से निकला व्यक्ति जब दुनिया के प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होता है तो यह पहाड़ के उन युवाओं के लिए भी बड़ा संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं।

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डॉ. केएस पंवार की कहानी बताती है कि पहाड़ की ऊंचाइयां सिर्फ भौगोलिक नहीं होतीं-मेहनत, संकल्प और हुनर के दम पर इन्हें पार कर दुनिया के सबसे बड़े मंच तक पहुंचा जा सकता है।

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