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डोईवाला में पेराई सत्र का शुभारंभ: चीनी मिलों को खुद करना होगा किसानों का 70 फीसदी भुगतान- ऑनलाइन पर्ची सिस्टम का फैसला भी वापस नहीं होगा

देहरादून। डोईवाला शुगर मिल में बृहस्पतिवार के दिन पेराई सत्र का शुभारंभ किया गया।

मुख्य अतिथि के तौर पर आए गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा चीनी मिल का शुभारंभ किया गया।

पेराई सत्र के शुभारंभ से पूर्व मिल में पूजा-अर्चना का कार्यक्रम किया गया।

अधिशासी निदेशक दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि कृषकों द्वारा मिल में विश्राम गृह, स्वच्छ पेयजल, शौचालय कैंटीन, और केन यार्ड को पक्का करने की मांग विगत कई वर्षों से की जा रही थी जो पूरी कर दी गई है।

वर्तमान पेराई सत्र के लिए चीनी मिल की पेराई लक्ष्य 32 लाख कुंतल रखा गया है। चीनी मिल के पूर्ण कृषि क्षेत्र से पिछले 3 वर्षों में 93 फीसदी से अधिक शीघ्र प्रजाति का गन्ना पैदा किया जा रहा है।

 

किसानों से बात करते गन्ना मंत्री।

इन गन्ना केंद्रों से चीनी मिल को मिलेगा गन्ना

डोईवाला। डोईवाला चीनी मिल डोईवाला गन्ना समिति के पांच क्रय केंद्र, देहरादून गन्ना समिति के 20, रुड़की गन्ना समिति के 19, ज्वालापुर गन्ना समिति के 6 क्रय केंद्र, लक्सर समिति का

एक केंद्र, पावटा साहिब के दो केंद्र और गेट एरिया से गन्ना प्राप्त होगा। चीनी रिकवरी रेट 10.50 प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रेमचंद अग्रवाल, डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, मुख्य अभियंता राकेश कुमार शर्मा, मुख्य रसायनज्ञ पीके पांडे, उप मुख्य रसायनज्ञ

ऐके पाल, सर्वजीत सिंह, आशुतोष अग्निहोत्री, अरविंद कुमार शर्मा, संपूर्ण सिंह रावत, विक्रम नेगी, दिनेश सजवान, ईस्वर रौथाण राजेंद्र तड़ियाल, पंकज शर्मा आदि उपस्थित रहे।

 

ये किसान हुआ सम्मानित

डोईवाला। चीनी मिल में सबसे पहले गन्ने की ट्रैक्टर बुग्गी लाने वाले किसान वेद प्रकाश पुत्र स्व0 श्यामलाल निवासी कुड़कवाला और

ओमप्रकाश कांबोज पुत्र स्व0 फूल सिंह बुल्लावाला को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।

ऑन लाइन पर्ची सिस्टम का फैसला वापस नहीं होगा

डोईवाला। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि ऑनलाइन गन्ना पर्ची सिस्टम का फैसला वापस नहीं होगा।

कहा कि एक तरफ हम मिलों के आधुनिकीकरण की बात कर रहे हैं। ऐसे में मैनुअल पर्ची सिस्टम ठीक नही है।

इसलिए इस सिस्टम को ऑनलाइन करने की कोशिश की गई है और यह फैसला वापस नहीं होगा। इसमे सुधार जरूर किया जा सकता है।

गन्ना मंत्री ने कहा कि किसानों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। 15 दिन में प्रदेश की सभी चीनी मिलों की समीक्षा बैठक की जा रही है।

चीनी मिल राजनीति का अड्डा नहीं है। यह किसानों की मिले हैं। जिस दिन अधिकारी मिल के हितों की अनदेखी करेंगे तब उनका चीनी मिलों में कोई कोई कार्य नहीं रह जाएगा।

चीनी मिलों में ब्रेकडाउन की समस्या को कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार ने चीनी मिलों को भुगतान के 250 करोड़ दिए हैं।

लेकिन अब चीनी मिलों को 70 फीसदी गन्ने का भुगतान खुद करना होगा। गन्ने के समर्थन मूल्य के बारे में कहा कि उत्तराखंड में गन्ने का समर्थन मूल्य यूपी के बाद ही घोषित किया जाता है।

डोईवाला चीनी मिल से खोई उड़ने से आसपास के लोगों को होने वाली समस्या के बारे में कहा कि सत्र समाप्ति के बाद और अगले पेराई सत्र

शुरू होने से पहले इस समस्या का समाधान किया जाएगा। कहा कि मृतक आश्रितों के पांच चीनी मिलों की एक ही फाइल चल रही है।

जिसमें कुछ आपत्तियां लगी थी। जिनका निस्तारण जल्द किया जाएगा।

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