उत्तराखंड

चमोली में भारी बारिश का कहर: भूस्खलन में पति-पत्नी दबे, दो लोग घायल

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश कहर बनकर टूट रही है। लगातार हो रहे भूस्खलन ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी क्रम में, देवाल विकासखंड के सुदूर गांव मोपाटा में भूस्खलन से आए मलबे में एक पति-पत्नी दब गए। इस हादसे में दो अन्य लोग घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

मलबे में दबे 20 से अधिक मवेशी

उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मोपाटा गांव में रेस्क्यू टीम भेजी गई है। मलबे में दबे पति-पत्नी की तलाश की जा रही है। हादसे में 20 से अधिक मवेशी भी मलबे की चपेट में आ गए हैं।

हाईवे बंद, जनजीवन ठप

भारी बारिश के कारण चमोली जिले में कई प्रमुख हाईवे बंद हो गए हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। नंदप्रयाग, कमेड़ा, भनेरपानी, पागलनाला, गुलाकोटी, और ग्वालदम हाईवे सिमलसैंण और कुलसारी के पास बाधित हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) इन मार्गों को खोलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण काम में बाधा आ रही है।

बिजली-पानी की समस्या

बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। कई दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए टैंकरों से पानी की व्यवस्था की जा रही है। थराली और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास भी मलबा घरों तक पहुँच गया था, हालांकि, प्रशासन ने पहले ही अस्पताल को खाली करा लिया था। वहीं, कर्णप्रयाग के कालेश्वर में पहाड़ से गिरा मलबा लोगों के घरों में घुस गया है, जिसे हटाने के लिए जेसीबी मशीनें काम कर रही हैं। मौके पर पुलिस भी राहत कार्य में जुटी हुई है।

 

ये भी पढ़ें:  गणतंत्र दिवस पर गांधी पार्क में आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल, वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रभक्ति और एकता का दिया संदेश

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!