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प्रत्याशियों के छूटे पसीने: भौगोलिक, सामाजिक, राजनैतिक विषमताओं से भरा हुआ है डोईवाला, जानिए क्यों

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Dehradun. डोईवाला विधानसभा एक ऐसी विधानसभा है। जिस पर टिकट मिलने से लेकर चुनावी नतीजे आने तक पूरे प्रदेश वासियों की नजर टिकी हुई है।

इस सीट पर भाजपा, कांग्रेस, यूकेडी आप, सपा, बसपा, अन्य दल और निर्दलीयों सहित कुल 12 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। लेकिन इनमें भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के प्रत्याशी ऐसे हैं। जिन्हे देर से टिकट मिलने के कारण डोईवाला जैसे सामाजिक, राजनैतिक और भौगोलिक विषसमता वाले क्षेत्र में घूमने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

लोगों को ये तो पता लग चुका है कि दोनों बड़े दलों से चुनाव कौन व्यक्ति लड़ रहा है। लेकिन अभी तक पूरे क्षेत्र की जनता ने दोनों प्रत्याशियों के आमने-सामने दर्शन नहीं किए हैं। हांलाकि ताबड़तोड़ जनसंपर्क और कार्यक्रमों से सभी प्रत्याशी इसकी भरपाई करने में लगे हुए हैं। लेकिन समय कम मिलने से डोईवाला जैसे बड़े क्षेत्र में घूमने में सभी प्रत्याशियों के माथे पर पसीना आ रहा है।

नवादा, सौड़ा सरोली से लेकर सतेली, रानीपोखरी, माजरीग्रांट डोईवाला से लेकर बुल्लावाला तक डोईवाला विधानसभा क्षेत्र फैला हुआ है। भौगोलिक परिस्थिति से देखा जाए तो एक दिन में डोईवाला विधानसभा का पूरा क्षेत्र घूमा भी नहीं जा सकता है। क्योकि इसमें थानों और रानीपोखरी क्षेत्र के ऐसे पहाड़ी गांव भी शामिल हैं। जहां सड़क तक नहीं है। ऐसे दुर्गम पहाड़ी गांवों में सिर्फ पैदल ही पहुंचा जा सकता है। डोईवाला में पूर्व सीएम और डोईवाला विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत चुनाव लड़ने की तैयारियां कर रहे थे।

जबकि कांग्रेस की तरफ से डोईवाला में पूर्व काबीना मंत्री हीरा सिंह बिष्ट तैयारियों में जुटे थे। ऐसे में डोईवाला में इन दोनों दलों में से कोई भी नेता डोईवाला में टिकट पाने की सोच भी नहीं सकता था। तो फिर वो डोईवाला में तैयारी क्यों करता। लेकिन कांग्रेस हाई कमान ने पहले हीरा सिंह बिष्ट को चुनाव लड़ने के लिए रायपुर सीट पर भेज दिया। उसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी चुनाव लड़ने से मना कर दिया। जिसके बाद दोनों दलों के स्थानीय नेताओं में टिकट पाने की होड़ मच गई। जिस कारण काफी देरी से कांग्रेस पार्टी ने गौरव सिंह को टिकट देकर मैदान में उतारा।

वहीं भाजपा की बात करें तो भाजना ने नामांकन के आखिरी दिन तक सस्पेंस बनाकर रखा। और नामांकन के आखिरी दिन कुछ घंटे पहले ही बृजभूषण गैरोला के नाम पर मुहर लगाई। डोईवाला में तीन तहसील देहरादून, डोईवाला और ऋषिकेश का हिस्सा शामिल है। जिसमें नगर निगम देहरादून का हिस्सा, नगर पालिका डोईवाला, हिमालयन अस्पताल, एयरपोर्ट, इंण्डस्ट्रियल एरिया, थानों और रानीपोखरी न्याय पंचायत के पहाड़ी दुर्गम इलाके, माजरीग्रांट, बुल्लावाला आदि क्षेत्र के किसान हैं। यहां सभी धर्म और जातिओं से जुड़े हुए  कुल मतदाता 165095 हैं। इसलिए 14 फरवरी से पहले इन मतदाताओं तक पहुंचना और पूरे क्षेत्र में घूम पाना सभी प्रत्याशियों खासकर भाजपा और कांग्रेस के लिए डेढी खीर साबित हो रहा है।

189 मतदेय स्थलों और कुल 122 मतदान केंद्रों पर ड़ाले जाएंगे वोट

डोईवाला। डोईवाला विधानसभा जिले की तीन तहसीलों से जुड़ा हुआ है। डोईवाला में 189 मतदेय स्थलों और कुल 122 मतदान केंद्रों पर वोट ड़ाले जाएंगे।

इनमें तहसील देहरादून के 75, डोईवाला के 93 और ऋषिकेश तहसील के 21 मतदेय स्थल शामिल हैं। वहीं तहसील देहरादून में 42, तहसील डोईवाला के 67 और ऋषिकेश के 13 मतदान केंद्रों पर डोईवाला विस क्षेत्र के लोग वोट ड़ालेंगे।

डोईवाला विधानसभा में पुरूष मतदाता 84392, महिला मतदाता 80697, अन्य 06 और कुल मतदाता 165095 हैं। जो 14 फरवरी को अपने मतदान कर सकेंगे। इन मतदाताओं में 80 वर्ष के ऊपर के मतदाता 3326 और 100 वर्ष के ऊपर के मतदाता 35 हैं। जबकि दिव्यांग मतदाता 1326 हैं। डोईवाला विधानसभा में तहसील देहरादून के 8 मतदेय वनरेवल स्थल, 5 वनरेवल मतदान केंद्र, तहसील डोईवाला के 19 मतदेय वनरेवल स्थल, 12 वनरेवल मतदान केंद्र, तहसील ऋषिकेश के 14 वनरेवल स्थल और 13 वनरेवल मतदान केंद्र हैं। डोईवाला विस क्षेत्र में कुल 41 वनरेवल मतदेय स्थल और 30 वनरेवल मतदान केंद्र हैं।

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