रानीपोखरी में टू लेन के बनेंगे दो पुल, एक अभी दूसरा फॉरेस्ट क्लीयरेंस के बाद (खबर विस्तार में)

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रानीपोखरी का क्षतिग्रस्त पुल।

रानीपोखरी में पुल तैयार होने में लग सकता है कम से कम एक वर्ष

देहरादून। रानीपोखरी में पुल तैयार करने में कम से कम एक वर्ष का समय लग सकता है।

रानीपोखरी में जाखन नदी पर बना 57 वर्ष बना पुल नदी में बाढ आने से बीते 27 अगस्त को क्षतिग्रस्त हो गया था। जिस कारण पुल के कई हिस्से नदी के बहाव में बह चुके थे। देहरादून को ऋषिकेश समेत पूरे गढवाल क्षेत्र से जोड़ने वाला यह पुल काफी महत्वपूर्ण पुलों में से एक था। पुल के बहने के बाद अब नेशनल हाईवे इस पुल को बनाने की कवायद में जुट गया है।

सरकार दावा कर रही है कि यह पुल चार से पांच माह में तैयार हो जाएगा। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पुल बनने में कम से कम एक वर्ष या उससे अधिक का समय लग सकता है। रानीपोखरी में 16 करोड़ 28 लाख रूपए की लागत से नया पुल बनाने की तैयारियां की जा रही हैं।

खास बात ये है कि नया पुल पुराने पुल को ध्वस्त करके बनाया जाएगा। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि यदि एनएच क्षतिग्रस्त पुल के पास नया पुल बनाता है तो इसमें फॉरेस्ट क्लीयरेंस में काफी वक्त लग सकता है। क्योकि रानीपोखरी पुल के जौलीग्रांट की तरफ वाले हिस्से में प्रतिबंधित प्रजाति शीशम और खैर का जंगल खड़ा है। पुल के ऊपर वाला जंगल थानों वन रेंज और नीचे वाला जंगल बड़कोट वन रेंज में है। यही कारण है कि एनएच को क्लीयरेंस में वक्त लग सकता है।

जिस कारण क्षतिग्रस्त पुल को तोड़कर ही उसी स्थान पर नया पुल खड़ा किया जाएगा। इसके लिए एनएच ने अपनी पूरी तैयारियां कर ली हैं। एनएच के जेई प्रवीन सक्सेना ने कहा कि पुराने क्षतिग्रस्त पुल को तोड़कर ही उसी स्थान पर नया पुल तैयार किया जाएगा। जिसमें एक वर्ष का समय लग सकता है। उनका प्रयास होगा कि अगली बरसात से पहले पुल तैयार कर लिया जाए।

मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर तैयार होगा पुल का डिजाइन

डोईवाला। एनएच द्वारा लगभग 15 दिनों में नए पुल का डिजाइन तैयार किया जाएगा। जिसके लिए दूसरी बार मिट्टी की टेस्टिंग की जा रही है। मिट्टी की टेस्टिंग रिपोर्ट के आधार पर ही रानीपोखरी में नए पुल का डिजाइन तैयार किया जाएगा। और डिजाइन तैयार होने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

रानीपोखरी में टू लेन के बनेंगे दो पुल

डोईवाला। रानीपोखरी में एक नहीं बल्कि टू लेन के दो पुल तैयार किए जाएंगे। क्योकि देहरादून से जौलीग्रांट होते हुए पुल तक मार्ग फोर लेन है। पहले एनएच की प्लानिंग थी कि यदि रानीपोखरी में पुल नहीं बहता तो एक नए टू लेन पुल को पुराने पुल के बगल में बना दिया जाता। जिससे पुराना टू लेन पुल और नया टू लेन पुल बनकर फोर लेन पुल बन जाता। लेकिन अब पुल बह चुका है।

इसलिए अब फोर लेन मार्ग को देखते हुए एनएच को रानीपोखरी में फोर लेन पुल बनाना होगा। लेकिन फॉरेस्ट की क्लीयरेंज न मिलने के कारण फिलहाल क्षतिग्रस्त पुल को ध्वस्त कर पहले एक टू लेन पुल बनाया जाएगा। और फिर बाद में क्लीयरेंज मिलने पर एक और टू लेन पुल बनाया जाएगा। जिससे दो टू लेन के दो पुल मिलाकर रानीपोखरी में फोर लेन पुल तैयार हो जाएगा।

वैकल्पिक मार्ग तैयार कर रहा लोनिवी

डोईवाला। रानीपोखरी में वैकल्पिक मार्ग को लोनिवी द्वारा तैयार किया जा रहा है। जिसमें तेजी से कार्य शुरू कर दिया गया है। जाखन नदी में पानी की निकासी के लिए पाइप ड़ाले जा रहे हैं। और इन पाइपों के ऊपर भरान करके मार्ग बनाया जा रहा है। मार्ग पर रोलर आदि चलाने के बाद पक्का मार्ग बनाया जाएगा। रानीपोखरी के ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। जल्द ही लोग रानीपोखरी के रास्ते दून-ऋषिकेश के बीच सफर कर सकेंगे।

रानीपोखरी में वैकल्पिक मार्ग तैयार करती जेसीबी

उधर थानों-भोगपुर के बीच में पानी कम होने के बाद लोगों ने आवाजाही शुरू कर दी है। जिससे लोग दून-ऋषिकेश के बीच सफर करने लगे हैं। लोनिवी के जेई शिवेद्र अष्टवाल ने कहा कि रानीपोखरी में तेजी से वैकल्पिक मार्ग पर कार्य शुरू कर दिया गया है। थानों-भोगपुर के बीच भी लोगों ने आवाजाही शुरू कर दी है। जबकि घमंडपुर-अठुरवाला के बीच जाखन नदी में जेसीबी लगाकर कार्य शुरू कर दिया गया है। जिससे एक या दो दिन में यह मार्ग भी शुरू हो जाएगा। जिससे रानीपोखरी या ऋषिकेश के बीच आवाजाही के तीन विकल्प लोगों के पास मौजूद होंगे।