उत्तराखंडदेशदेहरादूनधर्म कर्मपर्यटनमौसमराज्य

ग्लोबल वार्मिंग से हिमालय में 18 हिमनद विलुप्त की कगार पर

देहरादून। शहीद दुर्गा मल्ल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिमालय दिवस मनाया गया मनाया गया।

प्राचार्य प्राध्यापकों कर्मचारियों एवं छात्र छात्राओं ने हिमालय संरक्षण के लिए शपथ ग्रहण की।

प्राचार्य डीसी नैनवाल ने शपथ दिलवाई कि सभी हिमालय के संरक्षण के लिए कार्य करेंगे। प्राचार्य महोदय द्वारा जैव विविधता को बचाने के लिए प्रयासरत रहने के लिए कहा गया हिमालय तथा हिमालई क्षेत्रों में अनेक पादप एवं वनस्पति की प्रजातियां मौजूद है।

जो अन्य क्षेत्रों में नहीं मिलती ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हिमालय में उपस्थित अट्ठारह हिम नदों में थिकनेस कम हो रही हैं। जिससे चिंता उत्पन्न हो रही है।

उन्होंने हिमालय के संसाधनों का सतत उपयोग किस के स्थान पर मर्यादित उपयोग करने को कहा। छात्र छात्राओं में विवेक लोधी, एवं रोहित पंत ने भी अपने विचार रखे ।

डॉ बल्लुरी ने कहा कि हिमालय संरक्षण के लिए परियोजना बनाकर स्थानीय लोगो को सम्मिलित किया जाए।

डॉक्टर तिवारी ने कहा कि मानव की संवेदन शीलता समाप्त होने के कारण हिमालय के संसाधनों का दोहन होने से नुकसान हो रहा है।

डॉक्टर संतोष वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी को हिमालय संरक्षण की जिम्मेदारी कर्तव्य रूप में लेनी होगी।कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर राखी पंचोला ने किया।

कार्यक्रम में उपस्थित थे डॉक्टर रवि रावत. डॉक्टर नैथानी, डॉक्टर प्रीत पाल सिंह , डॉक्टर सुजाता, डॉक्टर अंजली वर्मा,डॉक्टर नूर हसन,डॉक्टर पूनम पांडे ,डॉक्टर वल्लारी कुकरेती, डॉक्टर अनिल कुमार,डॉक्टर किरण ।जोशी,डॉक्टर संगीता रावत,

डॉक्टर उषा नेगी, डॉक्टर पूर्ण सिंह खाती,डॉक्टर पूनम धस्माना, डॉक्टर मैठाणी,डॉक्टर पूनम धस्माना,डॉक्टर रेखा नौटियाल, स्नेहलता, सुनीता, सोमेश्वर उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री से उत्तराखण्ड तीर्थ पुरोहित महापंचायत के पदाधिकारियों ने की भेंट, सीएम धामी का जताया आभार

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!