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डोईवाला विस चुनाव को बिछ गई चुनावी शतरंज, अब सजेगी बिसात

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डोईवाला के चुनावी रण में घमासान की तैयारी

प्रदेश की सबसे हॉट सीट मानी जाती है डोईवाला

दोनों बड़ी पार्टियों के नेता बड़े-बड़े कार्यक्रम आयोजित कर जनता का ध्यान अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा की तरफ से पूर्व सीएम और क्षेत्रीय विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत एक बार फिर डोईवाला में पूरी मेहनत से जुटे हुए हैं। वहीं कांग्रेस की तरफ से दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट भी अभी भी मैदान में डटे हुए हैं। यदि दोनों बड़ी पार्टियों से ये दोनों नेता एक बार फिर आमने-सामने आते हैं तो डोईवाला में महामुकाबला देखने को मिलेगा। हांलाकि राज्य गठन के बाद डोईवाला का इतिहास देखें तो इस सीट पर अधिकांश बार भाजपा का ही कब्जा रहा है।

यहां से अधिकांश बार त्रिवेंद्र सिंह रावत चुनाव जीते हैं। जबकि पहले जौलीग्रांट, भानियावाला, रानीपोखरी आदि स्थानों के ऋषिकेश विस क्षेत्र में रहने के कारण प्रेमचंद अग्रवाल भी यहां के विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस की बात करें तो 2014 में पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक के लोकसभा चले जाने के बाद डोईवाला में हुए उपचुनाव में हीरा सिंह बिष्ट भी जीत का स्वाद चख चुके हैं। इन दोनों नेताओं के अलावा भाजपा और कांग्रेस से कई दूसरे लोग भी तैयारियों में जुटे हुए हैं। यूकेडी और आप पार्टी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

डोईवाला विधानसभा राजधानी देहरादून का द्वार भी है। और एयरपोर्ट, बीएसएफ, एसडीआरएफ मुख्यालय, होमगार्ड मुख्यालय, इंण्डस्ट्रियल एरिया, शुगर मिल, जौलीग्रांट अस्पताल सहित कई ओर महत्वपूर्ण संस्थान भी यहां स्थित हैं। इस विधानसभा में पहाड़ भी हैं। और मैदान भी है। सौंग, सुसवा, जाखन सहित कई दूसरी प्रमुख नदियों भी यहां से बहती हुई गंगा में मिलती हैं।

तीन वन रेंज और राजाजी पार्क से घिरी हुई डोईवाला विधानसभा में हिंदू, मुश्लिम, सिक्ख और ईसाई आदि समुदायों के लोग रहते हैं। जिस कारण यहां का चुनावी समीकरण कहीं भी घूम सकता है। किसान, श्रमिक, झुग्गी झोपड़ियां, नौकरीपेशा लोग, दुकानदार और छोटे उद्यमी यहां चुनावों में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए जो नेता हर वर्ग और समुदाय को साधेगा उसी की नैय्या पार लगेगी।

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