उत्तराखंड

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने की मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा

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देहरादून: अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला एवं बाल विकास विभाग को जनपदों में सुगम एवं सुरक्षित स्थानों पर ही महिला छात्रावासों को स्थापित करने, सभी वर्किंग वूमेन हॉस्टल में बच्चों के लिए अनिवार्यतः क्रैश बनवाने, सभी सैनेटरी नैपकिन वैण्डिंग मशीनों में पर्याप्त रिफलिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने महिला उत्पीड़न के खिलाफ विशेषकर बालकों को सेंस्टाइज (संवेदीकरण) करने हेतु स्कूल कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाने एवं इस सम्बन्ध में विभाग को गाइडलाइन्स बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी पार्कों में एक हिस्सा अनिवार्यतः बच्चों के क्रीड़ा स्थल के रूप विकसित करने तथा पार्कों को इंटिग्रेटेड क्रीड़ा स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा सचिवालय में की। आज की बैठक में कृषि एवं कृषक कल्याण, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, सैनिक कल्याण, परिवहन, नागरिक उड्डयन, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक विकास विभाग से सम्बन्धित घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

एसीएस रतूड़ी ने सभी विभागों को अपूर्ण घोषणाओं के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में अद्यतन स्थिति को मुख्यमंत्री घोषणा पोर्टल पर समय से अद्यतन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं प्राथमिकता से पूरा करने एवं तकनीकी कारणों से हस्तान्तरित एवं विलोपित की जाने वाली घोषणाओं को जल्द से जल्द अपडेट करने के भी निर्देश दिए हैं। एसीएस ने तकनीकी शिक्षा विभाग को टीएचडीसी-आईएचईटी को आईआईटी रूड़की का हिल कैम्पस बनाए जाने के सम्बन्ध में भारत सरकार को तत्काल प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए हैं।

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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि राज्य के प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर अध्ययनरत छात्राओं की शिक्षा को सुगम एवं सुविधाजनक बनाने हेतु एक-एक महिला छात्रावास के निर्माण के सम्बन्ध में तथा राज्य में आवश्यकतानुसार जनपद मुख्यालयों पर कामकाजी महिला छात्रावास के निर्माण हेतु विभाग द्वारा महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्रालय नई दिल्ली को वित्तीय एवं भौतिक स्वीकृति हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। जी रैया चेली जागी रैया नौनी योजना के तहत जनपदों में 14-18 वर्ष की बालिकाओं को टीएचआर दिया जा रहा है। जी रैया चेली जागी रैया नौनी के तहत 11 से 18 वर्ष की किशोरियों को सेनेटरी नैपकीन उपलब्ध करवाने हेतु प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रो में सेनेटरी नैपकीन वेण्डिंग मशीन स्थापना हेतु 10 करोड़ की धनराशि निर्गत की जा चुकी है। सेनेटरी नैपकिन वैंडिंग मशीन जीईएम के माध्यम से क्रय कर जनपद देहरादून और ऊधमसिंह नगर में आपूर्ति की जा चुकी है। अन्य जनपदों हेतु कार्यवाही गतिमान है।

बैठक में कृषि एवं कृषक कल्याण, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, सैनिक कल्याण, परिवहन, नागरिक उड्डयन, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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