उत्तराखंड

‘बिल लाओ इनाम पाओ योजना’ 31 मार्च 2024 तक के लिए बढ़ी, जनता के उत्साह को देखते हुए योजना को बढ़ाने का निर्णय: प्रेमचंद

देहरादून।  राज्य की धामी सरकार ने उपभोक्ताओं को बिल लेने के लिए जागरूक करने के संबंध में संचालित योजना बिल लाओं इनाम पाओं को 31 मार्च 2024 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी सूबे के वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने दी। उन्होंने बताया कि योजना की जनता के बीच प्रसिद्धी को देखते हुए बढ़ाने पर फैसला लिया गया है।

मंत्री डा. अग्रवाल ने बताया कि पूर्व में बिल लाओ, ईनाम पाओ योजना 01 सितम्बर, 2022 से दिनांक 31 मार्च, 2023 तक तथा 30 नवम्बर, 2023 विस्तारित किया गया था। बताया कि योजना को 01 अप्रैल, 2023 से, ऑनलाइन खरीद पर प्राप्त बिलों को छोड़कर, जीएसटी के अंतर्गत समस्त कराधेय वस्तुओं तथा सेवाओं के विरुद्ध जारी बी2सी बिलों पर लागू किया गया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत 01 सितम्बर, 2022 से 30 नवम्बर, 2023 तक 48,658 उपभोक्ता पंजीकृत हुये हैं, जिनके द्वारा 2,46,178 बिल अपलोड किये गये हैं तथा जिनका कुल मूल्य रु0 93.45 करोड़ है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि माह दिसम्बर, 2023 में अब तक 906 नए उपभोक्ता पंजीकृत तथा 5124 बिल अपलोड हुए हैं। उन्होंने बताया कि योजना के प्रति जनता में अत्यधिक उत्साह देखने को मिला है। बताया कि राज्य सरकार ने बिल लाओ, ईनाम पाओ योजना को 31 मार्च, 2024 तक विस्तारित करने का निर्णय लिया है।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि केंद्र सरकार ने हमारे राज्य की इस बिल लाओ इनाम पाओ योजना की प्रशंसा की है। बताया कि अन्य राज्य ने भी हमारी इस योजना से प्रेरित होकर अपने यहां भी इसे लागू करने का निर्णय लिया है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि विस्तारित योजना के अंतर्गत 31 मार्च, 2024 तक बीएलआईपी एप पर बिल अपलोड करने वाले ग्राहकों को मासिक पुरस्कारों के अंतर्गत 1500 पुरस्कार दिए जायेंगे।

डॉ अग्रवाल ने यह भी बताया कि बिल लाओ ईनाम पाओ योजना में जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत ऐसे व्यापारियों को भी पुरस्कृत किया जायेगा, जिनके प्रतिष्ठान से सर्वाधिक बिल अपलोड किये जायेंगे तथा उनके द्वारा ग्राहकों से सर्वाधिक संख्या में एप डाउनलोड करवाना सुनिश्चित करते हुए योजना के वृहद प्रचार प्रसार में योगदान दिया जाएगा। बताया कि इस प्रकार योजना की परिधि को अत्यधिक विस्तृत करते हुए इसे अधिक आकर्षक बनाया गया है।

ये भी पढ़ें:  आरटीआई से सरकारी कार्मिकों में ईमानदारी से कार्य करने की बढ़ती है प्रवृति – मुख्य सचिव राधा रतूड़ी

डॉ अग्रवाल ने बताया कि विजेताओं को पुरस्कार प्राप्ति के सम्बन्ध में कोई भी सहायता तथा जानकारी के लिए विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 1800-120-122-277, 7618111270 तथा 7618111271 जारी किया गया है, जिस पर पुरस्कार प्राप्ति के सम्बन्ध में किसी भी समस्या के निराकरण के प्रयोजन से संपर्क किया जा सकता है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!