Dehradun. जौलीग्रांट क्षेत्र के एक पूर्व सैनिक द्वारा रानीपोखरी में स्वरोजगार शुरू कर अनाथ और दूसरे युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।
वर्तमान में कई युवाओं को इस स्वरोजगार से जोड़कर रोजगार देने का प्रयास किया गया है। इसमें कुछ युवा अनाथ भी हैं। जिन्हे इस कार्य से जोड़कर रोजगार दिया जा रहा है।
आदर्श नगर, जौलीग्रांट निवासी पूर्व सैनिक सुशील कपटियाल द्वारा Tumbledry कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर अपने कुछ दोस्तों की मदद से रानीपोखरी में किराए के भवन में ड्राईक्लीनिंग का कार्य शुरू किया गया है।
इस कंपनी की देश के 600 से ज्यादा शहरों में 1400 से अधिक स्टोर हैं। इस कार्य में शुरूवात में उन्होंने तीस लाख रूपए लगाकर कंपनी की पांच ऑटोमेटिक मशीनों को लगाया गया है।
कपटियाल ने कहा कि सेना से सेवानिवित्त होने के बाद उन्होंने कुछ वर्ष तक स्वास्थ के क्षेत्र में भी कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने अपना स्वरोजगार खोलने की दिशा में कदम बढाया है।
उनके यहां ड्राईक्लीनिंग के लिए जर्मन ऑर्गेनिक कैमिकल का उपयोग किया जाता है। जिसे त्वचा के लिए इको फ्रेंडली माना जाता है। इस कैमिकल से हल्दी, कॉफी, स्याही और दूसरे दागों को आसानी से हटाया जाता है।
कपटियाल ने कहा कि इस कार्य के लिए उन्होंने अपने दोस्तों से पैसे लेकर एक बड़ी कंपनी का ड्रायर, एक वॉशर, एक आयरन, एक ब्वायलर और एक अन्य मशीन लगाई हैं।
यह सभी मशीनें ऑटोमेटिक हैं। ऑफ लाइन माध्यम से ग्राहक सीधे आकर अपने कपड़े आदि दे सकता है। ऑन लाइन में पिकअप और ड्राप की सुविधा दी जा रही है।
जिसमें संबधित कंपनी के एप के माध्यम से संपर्क करने के बाद कंपनी के लोग सीधे घर से कपड़े ले जाकर ड्राईक्लीनिंग के बाद वापस घर पर कपड़े देने आते हैं। फोन के माध्यम से भी सुविधा दी जाती है।
कहा कि इस काम को करने से पहले उन्हे और उनके कर्मचारियों को संबधित कंपनी द्वारा कुछ हफ्तों का प्रशिक्षण दिया गया था। ड्राईक्लीनिंग के बाद संबधित ग्राहकों के कपड़ों को अच्छी पैकिंग कर वापस भेजा जाता है।
कहा कि भविष्य में कुछ और युवाओं को भी इस रोजगार से जोड़ा जा सकता है। इस कार्य में मैनेजर अमलव ध्यानी, सूरज राणा, विशाल, ऋषिराज आदि हाथ बंटा रहे हैं।