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घर घर फौजी, हर घर फौजी: रानीपोखरी में विक्रम भंडारी दे रहे सेना में जाने का निशुल्क प्रशिक्षण

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रानीपोखरी में चल रही युवाओं को स्वस्थ, नशामुक्त और भारतीय सेना में प्रवेश की मुहिम

देहरादून। पहाड़ के कुछ युवाओं का सपना होता है कि उन्हे सेना में जाकर देश सेवा करने का मौका मिले।

लेकिन सही प्रशिक्षण के अभाव में कई युवाओं का सेना में जाने का सपना अधूरा ही रह जाता है। पर रानीपोखरी निवासी और पूर्व सैनिक विक्रम भंडारी और उनकी टीम क्षेत्र के युवाओं का यह सपना पूरा करने में जुटी हुई है। वो हर रोज सुबह ग्राउंड पर जाकर क्षेत्र के युवाओं को सेना में जाने की निशुल्क ट्रेनिंग देते हैं। उनके द्वारा दिया गया प्रशिक्षण पाकर अब तक दर्जनों युवा सेना में भर्ती हो चुके हैं।

विक्रम भंडारी लगभग बीस वर्ष सेना में रहने के बाद पांच वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए। पैंतीस वर्ष की जिस आयु तक बहुत से युवा अपना भविष्य संवारने में लगे रहते हैं। उस उम्र में वो फौज से पेंशन लेकर घर पर आ गए। और अब समाज में युवाओं में फैली नशाखोरी और अन्य बुराइयों को खत्म कर देश सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय जनचेतना संस्थान नाम से सामाजिक संस्था बनाई है। जो क्षेत्र के अन्य पूर्व सैनिकों और स्थानीय युवाओं को साथ लेकर युवाओं को सेना में भर्ती हेतु आवश्यक मार्गदर्शन और शारीरिक प्रशिक्षण देने का कार्य हैं।

चार वर्ष पहले शुरू हुई इस मुहिम से अब तक दर्जनों युवा सेना और अन्य सशत्र बलों की वर्दी पहनकर देश सेवा कर रहे हैं। वर्तमान में रानीपोखरी के हॉट बाजार के पीछे बने स्टेडियम में सुबह चार बजे से लेकर छह बजे तक चलने वाले इस कैम्प में सैकड़ों युवा प्रशिक्षण लेते हैं। क्षेत्र के युवाओं को स्वस्थ और सफल बनाने की इस मुहिम को विक्रम भंडारी और उनकी टीम में सम्मिलित पूर्व सैनिक प्रशिक्षकों प्रशांत रावत, विपिन बिष्ट और राजेंद्र सिंह रावत भी शामिल हैं।

अपनी इस मुहिम को विक्रम भंडारी ने घर घर फौजी, हर घर फौजी नाम दिया है। रानीपोखरी के युवा समाजसेवी मुकेश पंत ने कहा कि भंडारी की इस मुहिम को क्षेत्रवासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। ऐसे लोग समाज में बेहतर बदलाव ला सकते हैं।

वहीं भाजपायुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सौरभ थपलियाल ने कहा कि भंडारी द्वारा दिया जा रहे प्रशिक्षण से युवाओं को सेना में जाने की प्रेरणा तो मिल ही रही है। साथ ही युवाओं में अनुशासन और स्वस्थ शरीर बनाने में भी मदद मिल रही है। ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी, सुबोध जायसवाल, सतीश सेमवाल, नरेंद्र सिंग नेगी आदि ने भी उनकी इस मुहिम को सराहा है।

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