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रानीपोखरी हत्याकांड- खून देखकर कांपने वाला पुजारी कैसे बना अपने परिवार का कातिल

दो धारधार हथियारों से की आरोपी ने अपने परिजनों की हत्या

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पुलिस ने मौके से बरामद किए दो धारधार हथियार

Dehradun. रानीपोखरी के नागाघेर में अपनी ही परिवार के पांच लोगों की सामूहिक हत्या करने वाला पूजारी आखिर क्यों अपने परिवार का कातिल बना ये पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सोमवार सुबह तड़के नागाघेर में आरोपी महेश कुमार (47) पुत्र दिनेश कुमार तिवारी निवासी इलाहबाद रोड थाना अतरहा जिला बांदा यूपी हाल निवासी नागाघेर रानीपोखरी द्वारा अपने ही परिवार के कुल पांच लोगों की हत्या कर दी थी।

आरोपी महेश दिन भर पूजा-पाठ में अधिक व्यस्त रहता था। और आसपास के लोगों के मुताबिक वो अपने परिवार के साथ कभी मार-पिटाई भी नहीं करता था।

सोमवार सुबह सात बजे के करीब नाश्ते बनाते समय पत्नी से हुए विवाद में उसने अपनी मां, पत्नी और तीन बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

मंगलवार को पुलिस ने महेश तिवारी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। आसपास के लोगों से पता चला है कि आरोपी महेश पड़ोसियों से अधिक मतलब नहीं रखता था।

अभी तक जो बात सामने आई है। उसके मुताबिक गृह क्लेश और आर्थिक तंगी के कारण उसने इस बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दिया है। उसकी एक बेटी दिव्यांग और मां विक्षिप्त थी।

आरोपी महेश ने एक नहीं बल्कि दो धारधार चीजों से अपने परिवार पर कहर ढाया। सोमवार सुबह पुलिस ने सूचना पाकर आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया था।

लेकिन पुलिस सोमवार शाम दोबारा नागाघेर आरोपी के मकान में गई तो वहां से पुलिस को एक हाशिया भी बरामद हुआ। जिसका हत्था अलग टूटा हुआ था।

आरोपी ने पहले हाशिए से अपने परिजनों पर हमला किया। लेकिन जब हाशिए का हत्या टूटकर अलग हो गया तब उसने कीचन से सब्जी वाला चाकू लेकर हत्या को अंजाम दिया।

आरोपी के हमले का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है। कि हत्या में इस्तेमाल किये गए हाशिए का हत्था टूटकर अलग हो गया। और चाकू भी मुड गया। रानीपोखरी थानाध्यक्ष ने कहा कि हाशिए और चाकू दोनों को पुलिस ने मौके से बरामद कर लिया है।

लड़की की कसम देकर भी नहीं रूका आरोपी

Dehradun. अपने घर नागाघेर में आरोपी महेश जब अपनी पांच परिजनों की हत्या कर रहा था। उस वक्त चीख-पुकार सुनकर भाजपा नेता और पड़ोसी सुबोध जायसवाल सबसे पहले उसके मकान की तरफ दौड़े। उन्होंने देखा कि आरोपी महेश अपनी बेटी की हत्या कर रहा है। सुबोध ने आरोपी को उसकी बेटी की कसम भी दी। लेकिन आरोपी ने इशारा करते हुए सुबोध को वहां से जाने को कहा। और फिर खिड़की को बंद कर दिया।

सुबोध के पैर में खून देखकर डर गया था आरोपी

Dehradun. सुबोध जायसवाल ने कहा कि लॉक डाउन के समय उनके खेत में एक सांप ने उन्हे काट लिया था। जिसके बाद आरोपी महेश बाउंड्री फांदकर उनकी मदद को आया था। सुबोध ने अपने पैर में बंध बांधकर ब्लेड से चीरा लगा दिया था। जिस पर महेश ने उनके कहा था कि खून काफी बह रहा है। आपकों दर्द हो रहा होगा। जायसवाल ने कहा कि वो कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि आरोपी महेश इतनी बड़ी घटना को अंजाम देगा।

ऋषिकेश में हुआ अंतिम संस्कार

Dehradun. पांचों शवों का पीएम करने के बाद ऋषिकेश में अंतिम संस्कार कर दिया गया। आरोपी की पत्नी के परिजन चित्रकुट से सूचना पाकर सोमवार को ही ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए थे। शव परिजनों को सौंपने के बाद ऋषिकेश में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

 

पांचों शवो का ऋषिकेश में किया गया अंतिम संस्कार।

बुआ के पास गई बेटी बच गई

Dehradun. आरोपी की एक 15 वर्षीय बेटी अपनी बुआ के घर तपोवन ऋषिकेश में रहती थी। जिस कारण उसकी जान बच गई।

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