उत्तराखंड

अपनी पेंशन लगने पर डीएम पर भड़क गए थे रणजीत वर्मा

खबर को सुने

स्व0 रणजीत सिंह के नाम हो इंटर कॉलेज और सड़क का नाम

डोईवाला। स्व0 रणजीत सिंह वर्मा को उनके गृह क्षेत्र जौलीग्रांट में श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। क्षेत्रवासियों ने पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा से जुड़ी तमाम बातें बताई। कार्यक्रम में बताया गया कि रणजीत सिंह अविभाजित यूपी में मसूरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक चुने गए। उनको विधायक बनाने के लिए लोगों ने एक वोट और एक नोट की बात पर चलकर अपना योगदान दिया। जब विधायक चुने गए तो उन्हे रानीपोखरी, जौलीग्रांट, थानों और डोईवाला में सिक्कों से तोला गया था। अगल राज्य के आंदोलन में रणजीत सिंह वर्मा को यूपी पुलिस ने पिटकर बुरी तरह घायल कर दिया था। वो कई महीनों तक अस्पताल में रहे। राज्य गठन के बाद जब आंदोलनकारियों को नौकरी और पेंशन दी जा रही थी।

तब तत्कालीन जिलाधिकारी ने खुद ही रणजीत सिंह वर्मा की पेंशन लगा दी थी। लेकिन इस बात पर रणजीत सिंह वर्मा डीएम पर भड़क गए थे। और अपनी पेंशन उन्होंने निरस्त करवा दी। पूर्व विधायक और प्रमुख आंदोलनकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई सुविधा या पैसा सरकार से नहीं लिया। मनोज नौटियाल ने कहा कि वर्तमान राजनीति में रणजीत सिंह वर्मा जैसा बिरला मिलना बहुत मुश्लिक है। दूसरे वक्ताओं ने भी विचार रखे। इस अवसर पर मेयर सुनील उनियाल गामा, पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट, राधेश्याम बहुगुणा, विनीत मनवाल, अखिलेश शर्मा, स्वदेश मोहन, सूरत नेगी, पंकज रावत, विक्रम  नेगी, रविंद्र सोलंकी, केशन सिंह आदि उपस्थित रहे।

स्व0 रणजीत सिंह के नाम हो इंटर कॉलेज का नाम

डोईवाला। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सर्वसम्मति से तय किया गया कि राजकीय इंटर कॉलेज बड़ोवाला का नाम स्व0 रणजीत सिंह वर्मा के नाम पर होना चाहिए। वहीं भानियावाला से थानों जाने वाले मार्ग का नाम भी रणजीत सिंह वर्मा के नाम पर किए जाने पर सहमति बनी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
error: Content is protected !!