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कोठारी मोहल्ले (जौलीग्रांट) में बनेगा डोईवाला का सबसे बड़ा स्टेडियम

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मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने भेजा सभासद को पत्र

चंद्रमोहन कोठियाल

डोईवाला। यदि किसी ने टांग न अड़ाई तो जौलीग्रांट के कोठारी मोहल्ले में डोईवाला का सबसे बड़ा स्टेडियम बनाया जाएगा।

इसके लिए क्षेत्रीय सभासदों और भाजपा नेताओं की तरफ मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेंद्र पंवार के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक पत्र दिया गया था। सभासद राजेश भट्ट ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजते हुए कहा था कि कोठारी मोहल्ले में वन विभाग की काफी बड़ी जमीन खाली पड़ी हुई है। जिसके चारों तरफ आबादी है। दशकों से वन विभाग ने इस जमीन को खाली छोड़ रखा है।

जिसके एक तरफ तो बाउंड्री की गई है। लेकिन बाकि जगह कोई बाउंड्री नहीं है। जिस कारण इस जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण भी किया जा रहा है। यदि वन विभाग इस भूमि पर स्टेडियम बनाने को अनापत्ति प्रमाण पत्र देता है तो इस भूमि पर डोईवाला का सबसे बड़ा स्टेडियम बनाया जा सकता है।

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता ने सभासद को भेजे पत्र में कहा है कि क्षेत्रीय अवर अभियंता से मौके का स्थलीय निरीक्षण करवाया गया है। यदि वन विभाग अनापत्ति देता है तो इस पर काम शुरू करवाया जा सकता है।

सभासद राजेश भट्ट ने कहा कि कोठारी मोहल्ले में यदि स्टेडियम बनाया जाता है तो इसे बहुउद्देशीय स्टेडियम के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें जौलीग्रांट और आसपास के दर्जनों गांवों के बच्चे कई तरह के गेम खेल सकेंगे। शादी-ब्याह से लेकर बुजुर्ग व दूसरे लोग इस स्टेडियम में सुबह और शाम घूम भी सकेंगे।

जंगल पास होने के कारण यहां की हवा भी काफी स्वच्छ है। सभासद संगीता डोभाल और भाजपा नेता राजकुमार पुण्डीर ने कहा कि कोठारी मोहल्ले का स्टेडियम डोईवाला के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा। और दर्जनों गांवों के बच्चों को एक बेहतरीन स्टेडियम मिलेगा। उधर रेंजर एनएल डोभाल ने कहा कि कोठारी मोहल्ले की खाली जमीन को जनहित के लिए प्रयोग किया जा सकता है।

स्टेडियम नहीं बना तो कब्जा ली जाएगी जमीन

डोईवाला। कोठारी मोहल्ले में करीब 35 बिघा जमीन वन भूमि की अभी भी खाली पड़ी हुई है। पहले ये जमीन और अधिक थी। लेकिन कुछ लोगों द्वारा इस जमीन के कुछ हिस्से पर निर्माण कर लिए गए हैं। और धीरे-धीरे ये जमीन कुछ लोगों द्वारा कब्जाई जा रही है। यदि इस जमीन को जनहित में इस्तेमाल किया जाए तो इसके क्षेत्र के विकास को एक नई पहचान मिलेगी।

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