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ड्यूटी में लापरवाही पर डोईवाला चीनी मिल के दो तौल क्लर्क निलंबित

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Dehradun. ड्यूटी मे लापरवाही पर डोईवाला चीनी मिल के दो क्लर्क को मिल प्रशासन द्वारा निलंबित किया गया है।

मंगलवार को चीनी मिल के अधिशासी निदेशक दिनेश प्रताप सिंह की ओर से निलंबन के जारी

आदेश में कहा गया है कि मनोज चमोला सुपुत्र विशेश्वर दत्त

चमोला, तौल लिपिक (सामयिक) की ड्यूटी बीते 17 दिसंबर से मिल के वाह्य गन्ना क्रय केन्द्र

रांघडवाला एवं झिडियानग्राण्ट पर गन्ना तौल कार्य को लगायी गई थी। जिसके अनुपालन में

उन्हें दिनांक 17 दिसंबर से उस क्रय केन्द्र पर तौल कार्य प्रारम्भ करना था। लेकिन दिनांक 19

दिसंबर तक क्रय केन्द्र रांघडवाला व झिडियानग्राण्ट पर गन्ना तौल कार्य प्रारम्भ नहीं

किया गया। और उनके द्वारा क्रय केन्द्र पर तौल कार्य करने से स्पष्ट रूप से मना किया जा रहा है।

मिल में तौल लिपिकों की पूर्व से ही कमी है। और कुछ तौल लिपिकों के तौल कार्य करने हेतु

लाईसेन्स नहीं बने है। इस स्थिति में मनोज चमोला जानबूझकर अपने उच्च अधिकारियों

के आदेश की अवेहलना कर मिल का अनुशासन भंग कर रहे हैं। जिसका विपरीत

प्रभाव अन्य कर्मचारियों पर भी पड़ने की सम्भावना है। और कृषकों को भी परेशानी का

सामना करना पड़ रहा है। और जिससे मिल की छवि भी धूमिल हो रही है।

इसलिए तौल लिपिक (सामयिक) मनोज चमोला को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर इन्जी० विभाग में सम्बद्ध किया गया है।

वहीं मुख्य समयपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट से चीनी मिल प्रशासन के संज्ञान में आया है कि

अश्वनी कुमार सुपुत्र नाथीराम, तौल लिपिक (सामयिक) पेराई सत्र प्रारम्भ होने की तिथि से

बिना अवकाश स्वीकृत कराये ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं। मुख्य गन्ना प्रबन्धक

द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में अवगत कराया गया है कि अश्वनी कुमार की ड्यूटी मिल परिसर में गन्ना

व्यवस्था सम्बन्धी कार्यों के सम्पादन हेतु लगायी गई थी। लेकिन वो जानबूझकर अपनी ड्यूटी

पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। जिस कारण मिल में गन्ना व्यवस्था सम्बन्धी कार्यों में बाधा उत्पन्न हो

रही है। अश्वनी कुमार के पास तौल कार्य करने का लाईसेन्स नहीं है। इसके बावजूद उनके द्वारा

मिल से बाहर फील्ड में ड्यूटी लगवाने का अनुरोध किया जा रहा है। जिससे मिल प्रशासन को ऐसा प्रतीत हुआ कि तौल क्लर्क

जानबूझकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन न कर अपने कार्यों की उपेक्षा

कर रहे हैं, और बिना अवकाश स्वीकृत कराये 01 माह से अधिक समय से अनुपस्थित चल रहे हैं।

जिस कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर इन्जी० विभाग में सम्बद्ध किया गया है।

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