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आसपास की विधानसभाओं के प्रत्याशियों की सूची जारी, डोईवाला पर सस्पेंस बरकरार, जानिए क्या है डोईवाला का सियासी समीकरण

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डोईवाला हॉट सीट पर भाजपा के बैट्समैन की प्रतिक्षा

Dehradun. प्रदेश की सबसे हॉट सीटों में शूमार डोईवाला सीट पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।

भाजपा ने डोईवाला विधानसभा के अगल-बगल की सभी विस सीटों की सूची जारी कर दी है। लेकिन डोईवाला से अभी तक नाम जारी नहीं किया गया है। जिससे डोईवाला में कड़ाके ठंड़ के बीच सियासी पारा चढ़ गया है। भाजपा ने डोईवाला के आसपास नरेंद्रनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार शहर, धर्मपुर और रायपुर आदि सीटों पर अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है।

लेकिन डोईवाला पर अभी भी भाजपा कोई फैसला नहीं कर पाई है। त्रिवेंद्र सिंह रावत के विस चुनाव लड़ने से इंकार के बाद डोईवाला में सियासी कयासबाजी का दौर जारी है। डोईवाला के आसपास की विधानसभाओं की सूची जारी होने के बावजूद डोईवाला में कोई नाम सामने नहीं आने पर यहां सियासी पारा आसमान छूं रहा है। हर घंटे में नया नाम चर्चाओं में आ जाता है।

आम लोगों में भी भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को लेकर डोईवाला में भारी जिज्ञासा है। कुछ दिनों पहले तक कांग्रेस से हीरा सिंह बिष्ट और भाजपा से त्रिवेंद्र सिंह रावत दो ही नाम सामने थे। लेकिन हरक सिंह के नाम की डोईवाला से चर्चा और त्रिवेंद्र के चुनाव नहीं लड़ने के बाद अब दोनों तरफ से नए-नए नाम सामने आ रहे हैं।

2014 के उपचुनाव को छोड़ 2002 से लेकर अब तक डोईवाला सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है। डोईवाला सीट पर त्रिवेंद्र सिंह रावत तीन बार, पूर्व सीएम निशंक एक बार और पूर्व काबीना मंत्री हीरा सिंह बिष्ट एक बार विधायक रह चुके हैं। जबकि कई बड़े नेताओं की नजर हमेशा डोईवाला पर रही है।

2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई डोईवाला सीट

डोईवाला। डोईवाला विधानसभा सीट साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। उससे पहले डोईवाला सीट में धर्मपुर और रायपुर सीट का कुछ क्षेत्र शामिल था। जबकि 2008 में हुए परिसीमन में डोईवाला सौंग पुल से भानियावाला की तरफ का हिस्सा जिसमें भानियावाला, जौलीग्रांट, अठुरवाला, रानीपोखरी, थानों आदि को इसमें शामिल कर लिया गया।

उसके बाद डोईवाला विधानसभा सीट के लिए 2012 में विधानसभा चुनाव हुए। जिसमें निशंक ने कांग्रेस प्रत्याशी हीरा सिंह बिष्ट को हराया था। रमेश पोखरियाल निशंक 2014 में लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद निर्वाचित हो गए। जिस कारण उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। और इस सीट पर हुए 2014 उपचुनाव में बीजेपी के त्रिवेंद्र को कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट ने पराजित कर दिया। 2017 में त्रिवेंद्र तीसरी बार यहां से विधायक चुने गए और मुख्यमंत्री बने।

डोईवाला के सियासी समीकरण

डोईवाला विधानसभा सीट के सियासी समीकरण की बात करें तो यहां हर जाति-वर्ग के लोग रहते हैं। यहां कुल मतदाता 165095 हैं। सामान्य के साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के मतदाता भी यहां काफी हैं। जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। डोईवाला में कुल मतदाता 165095 हैं। जिनमें पुरूष मतदाता 84392, महिला मतदाता 80697, अन्य 06 हैं। डोईवाला में 189 मतदेय स्थलों और कुल 122 मतदान केंद्रों पर वोट ड़ाले जाएंगे।

इनमें तहसील देहरादून के 75, डोईवाला के 93 और ऋषिकेश तहसील के 21 मतदेय स्थल  शामिल हैं। वहीं तहसील देहरादून में 42, तहसील डोईवाला के 67 और ऋषिकेश के 13 मतदान केंद्रों पर डोईवाला विस क्षेत्र के लोग वोट ड़ालेंगे। डोईवाला विधानसभा में पुरूष मतदाता 84392, महिला मतदाता 80697, अन्य 06 हैं। इन मतदाताओं में 80 वर्ष के ऊपर के मतदाता 3326 और 100 वर्ष के ऊपर के मतदाता 35 हैं। जबकि दिव्यांग मतदाता 1326 हैं।

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