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भानियावाला के शहीद को आखिरी सलामी देने उमड़ा जनसैलाब, देश भक्ति के नारों से गुंजायमान हुआ आसमान

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सेना के जवानों ने दिया शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर

डोईवाला। सियाचिन में शहीद हुए भानियावाला निवासी हवलदार जगेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान भानियावाला लाया गया।

जहाँ सैकड़ों लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पार्थिव शरीर को कुछ देर घर पर रखने के बाद बंगाल इंजीनियर रूड़की से आए सेना के जवानों ने शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

जगेंद्र सिंह चौहान पुत्र सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह चौहान निवासी कांडरवाला, भानियावाला सियाचिन में बीते 21 फरवरी को ग्लेशियर की चपेट में आने से शहीद हो गए थे। जिसके बाद शुक्रवार को शहीद के पार्थिव शरीर को उनके आवास से पूरे सम्मान के साथ भानियावाला बाजार होते हुए भानियावाला तिराहा ले जाया गया।

तिराहे से सेना के ट्रक द्वारा पार्थिव हरिद्वार ले जाया गया। वो 325 लाइट एडी बटालियन में हवलदार थे। चार साल पहले उनकी शादी हुई थी। सूचना मिलते ही गांव के तमाम लोग उनके आवास पर संवेदना पहुंचे।

इस दौरान देशभक्ति के नारों से आसमान गुंजयमान रहा। शहीद के परिवार में उनके पिता सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह चौहान, माता विमला देवी, उनकी पत्नी किरण चौहान, दो भाई अजबेन्द्र चौहान और मनमोहन चौहान हैं।

अपने बेटे को अंतिम विदाई देते सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह चौहान

मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, गणेश गोदियाल, तहसीलदार सुशील कुमार सैनी, राजस्व उपनिरीक्षक मनोज मिश्रा, भाजपा नेता बृज भूषण गैरोला, भाजपा जिला मीडिया प्रभारी संपूर्ण सिंह रावत, गौरव चौधरी, मोहित उनियाल, मनोज नोटियाल, नरेन्द्र नेगी, विनोद कुमार पाल, सुनील शर्मा,

विजेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष विनय कंडवाल, नरेंद्र नेगी, हिमांशु राणा, देशराज ठाकुर, ईश्वर रौथान, मनीष यादव, प्रेम पुंडीर, सरोज भंडारी, मोहन सिंह चौहान, सुखदेव चौहान, प्रदीप नेगी, पुरुषोत्तम डोभाल आदि उपस्थित रहे।

बाजार रहे बंद, स्कूली बच्चों ने लगाए भारत माता की जय के नारे

डोईवाला। शहीद के सम्मान में भानियावाला का पूरा बाजार बंद रहा। आसपास के सभी स्कूलों के बच्चों ने सड़क किनारे लाइन लगाकर शहीद को सम्मान देते हुए भारत माता की जय, जगेंद्र सिंह अमर रहे आदि के नारे लगाए। इससे पहले कांग्रेस नेता मनोज नौटियाल के साथ सैकड़ों लोग नारे लगा रहे थे। लेकिन जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर अमर बूंद स्कूल के पास पहुंचा तो स्कूली बच्चों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। उस वक्त सभी लोगों ने नारे लगाना बंद कर दिया। और स्कूली बच्चों के नारों से आसमान गुंजायमान हो गया।

गाड़िया रोककर और छतों में खड़े होकर दी श्रद्धांजलि

लोग बोले अंतिम यात्रा हो तो ऐसी

डोईवाला। शहीद जगेंद्र का पार्थिव शरीर जिस वक्त भानियावाला मुख्य बाजार से होकर ले जाया गया। उस वक्त पूरा कांडरवाला और भानियावाला अपने घरों की छतों पर खड़ा होकर नम आंखों से भारत माता के इस सपूत को श्रद्धांजलि दे रहा था। हाईवे पर लोग गाड़ियों से उतरकर शहीद को नमन कर रहे थे।

भारी जनसैलाब देखकर लोग आपस में बात कर रहे थे कि अंतिम यात्रा हो ऐसी। रोते-बिलखते शहीद के पिता सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह चौहान कह रहे थे कि बेटा तूने बहुत लोग इकट्ठा कर दिए हैं। इसके बाद शहीद के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया गया।

शहीद के नाम पर होगा स्कूल या सड़क का नाम

डोईवाला। गणेश जोशी ने कहा कि शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। भानियावाला में शहीद के नाम पर किसी स्कूल का सड़क का नाम रखा जाएगा। गणेश जोशी शहीद के घर जाने के बाद हरिद्वार के लिए भी रवाना हुए।

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