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बैकफुट पर जल संस्थान, विस्थापितों से नहीं वसूला जाएगा पेयजल बिल

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नपा विस्तारीकरण के बाद पहली बार विस्थापितों को भेजे गए थे बिल

मूल विस्थापितों के बिल माफी के निर्देश, दूसरे परिवारों को देना होगा बिल

डोईवाला। मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी धीरेन्द्र सिंह पंवार ने जल संस्थान के अधिकारियों को टिहरी विस्थापितों परिवारों से पेयजल बिल नहीं वसूले जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में टिहरी बांध विस्थापित पुनर्वासित जन हित संरक्षण समिति से जुड़े लोग, नगरपालिका सभासदों और पुनर्वासित परिवारों के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के विशेष कार्याधिकारी से मिलकर समस्या बताई। टिहरी बांध प्रभावित पुनर्वास जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिनेश डोभाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा टिहरी बांध विस्थापितों पुनर्वासितों को पूर्व में जारी बिलों को माफ करने और भविष्य में जल मूल्य व सीवर शुल्क की वसूली के विषय में संस्तुति दिए जाने के लिए पेयजल मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल की उपसमिति गठित किये जाने का निर्णय किया गया था। लेकिन शासनादेश के बावजूद जल संस्थान द्वारा पुनर्वासितों को बिल जारी किया गया। जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

पूर्व प्रधान मंजू चमोली ने कहा कि जल संस्थान द्वारा अठुरवाला की पेयजल योजना अंतरण करने से पहले पुनर्वासितों के साथ पूर्व में हुए समझौते का अनुपालन नही किया गया है। हनुमंत राव कमेटी की टिहरी बांध प्रभावितों को निशुल्क पेयजल देने की संस्तुतियों को केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त है। नगर पालिका सभासद संदीप सिंह नेगी ने कहा कि जल संस्थान पेयजल व्यवस्था में लगातार सुधार कर रहा है। उन्होंने पेयजल बिलों को न्यूनतम दरों पर करने की मांग की है। उधर जल संस्थान के जेई विनोद असवाल ने कहा कि उन्हे पेयजल बिल माफ करने के संबध में कोई जानकारी नहीं है। अधिशासी अभियंता नमित रमोला से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया। मौके पर
बेताल सिंह नेगी, कैम्प कार्यालय प्रभारी दिनेश सजवाण, सरोप सिंह नयाल, शूरवीर नेगी, जगत सिंह असवाल, रामलाल डोभाल, सुमेर नेगी, भगवती प्रसाद थपलियाल, कमल राणा, सुरेंदर मुंडानी, गणेश कोठियाल, रमेश राणा, अधिशासी अभियंता विनोद असवाल आदि सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

अठुरवाला में बसे दूसरे परिवारों को देना होगा पेयजल बिल

डोईवाला। सीएम के ओएसडी धीरेंद्र पंवार के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद विस्थापितों के बिल भले ही माफ कर दिए गए हैं। लेकिन इसमें गैर विस्थापित शामिल नहीं हैं। अठुरवाला में बसे दूसरे परिवारों को पेयजल बिल भरना होगा। जबकि मूल विस्थापित परिवारों से पेयजल बिल नहीं वसूला जाएगा। सभासद संदीप सिंह नेगी ने कहा कि मूल विस्थापित अपने दस्तावेज दिखाकर अपना पेयजल बिल माफ करवा सकते हैं। जबकि दूसरे परिवारों को बिल भरना होगा।

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