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रानीपोखरी पुल बहने के मामले में सूर्यधार बांध से छोड़े गए पानी की भी हो जांच: कांग्रेस

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पुल बहने के बाद कई बार बह चुका है वैकल्पिक मार्ग

देहरादून। बीते 27 अगस्त को रानीपोखरी जाखन नदी में आई बाढ में रानीपोखरी का 57 वर्ष पुराना पुल भी बह गया था।

जिसको लेकर लगातार चर्चाओं और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। पूर्व सीएम हरीश रावत से लेकर आप पार्टी नेता कर्नल अजय कोठियाल, पूर्व सीएम और क्षेत्रीय विधायक त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करने आ चुके हैं। लेकिन आरोपों और चर्चाओं का तूफान शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।

अवैध खनन के बाद अब कांग्रेस ने एक नया आरोप लगाते हुए कहा है कि सूर्यधार बांध में जो पानी स्टोर किया जा रहा है। उसकों एकसाथ छोड़ने से पुल को नुकसान पहुंचा है। और इसी कारण क्षतिग्रस्त पुल के पास बनाए जा रहा वैकल्पिक मार्ग बार-बार बह रहा है। जिसकी जांच की मांग की गई है।

राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के प्रदेश संयोजक मोहित उनियान ने कहा कि रानीपोखरी में पुल बहने के बाद उन्होंने कई बार क्षतिग्रस्त पुल और वहां बनाए जा रहे वैकल्पिक मार्ग को देखा है। पुल बहने के बाद वो खुद सूर्यधार में बांध देखने भी जा चुके हैं। उनकी मांग है कि जो टीम रानीपोखरी में पुल बहने के कारणों की जांच कर रही है। उस टीम को सूर्यधार बांध से छोड़े जाने वाले पानी की भी जांच करनी चाहिए।

कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि सूर्यधार से एकसाथ छोड़े जा रहे पानी के कारण पुल और वैकल्पिक मार्ग को नुकसान पहुंचा है। यदि ऐसा है तो भविष्य में भी वैकल्पिक मार्ग और नए पुल दोनों को खतरा हो सकता है। इसलिए जांच टीम को जांच का दायरा बढाना चाहिए।

इन्होंने कहा

सूर्यधार बांध के पानी को फिलहाल सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। और बरसात में किसानों को इस पानी की जरूरत नहीं है। इसलिए सूर्यधार झील के सभी गेट पूरे बरसाती सीजन में खुले रखे गए हैं। और झील में पानी को स्टोर नहीं किया जा रहा है। वैकल्पिक मार्ग भिदालना नदी में आई बाढ से बहा है। और भिदालना नदी दूसरी तरफ से आकर सूर्यधार झील के बाद जाखन नदी में मिलती है। इसलिए ये आरोप गलत हैं। खुशवंत सिंह चौहान, एसडीओ सिंचाई विभाग

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