उत्तराखंडदेहरादूनस्वास्थ्य और शिक्षा

स्कूल खोलने को लेकर शिक्षकों की अभिभावकों के साथ बैठक

डोईवाला। शिक्षण संस्थाओं को खोले जाने के सम्बन्ध में विभागीय निर्देशों के अनुपालन में अभिभावकों से उनका अभिमत लेने के लिए एक आवश्यक बैठक राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ में आयोजित की गई।

बैठक में प्रधानाध्यापक अरविन्द सोलंकी द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा शिक्षण संस्थाओं को खोले जाने के सम्बन्ध में अभिभावकों से विचार-विमर्श कर उनका अभिमत लेकर आख्या विभाग को उपलब्ध कराने हेतु आदेशित किया गया है। इसलिए इस आवश्यक बैठक को आयोजित किया गया है। बैठक में 11 अभिभावक उपस्थित रहे तथा 5 अभिभावकों ने विद्यालय के व्हाट्सएप्प ग्रुप में अपने विचार रखे।

विद्यालय खोले जाने के सम्बन्ध में विचार रखते हुए तेजपाल सिंह ने कहा कि विद्यालयों को तुरंत खोला जाना चाहिए। क्योंकि घर पर विद्यालय जैसी पढ़ाई किसी भी सूरत में नहीं हो सकती उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिदिन एक या दो कक्षाओं को बुलाकर विद्यालय खोला जा सकता है और प्रत्येक कक्षा को एक दिन के अंतराल पर बुलाया जाना चाहिए।

सत्येंद्र पाल ने कहा कि स्कूल तुरंत खोले जाने चाहिए और सरकार को बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। बीना थापा ने विद्यालय के व्हाट्सअप ग्रुप में अपनी बात रखते हुए कहा कि जब तक कोरोना वायरस की दवाई नहीं बन जाती तब तक हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज सकते,

क्योंकि बच्चे छोटे होते हैं और वह ठीक से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर पाएंगे जिससे वे आसानी से इस घातक वायरस की चपेट में आ सकते हैं। अपनी बात रखते हुए मुकेश धीमान, विजय कश्यप, रानी, नीलम, मंजू देवी, कंचन देवी, चंदा और रितु थापा ने भी कहा कि जब तक इस महामारी की ठीक से रोकथाम नहीं हो जाती तब तक उन्होंने अपने बच्चों को विद्यालय भेजने पर असहमति व्यक्त की।

बैठक में विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सरस्वती देवी, प्रधानाध्यापक अरविन्द सोलंकी, सहायक अध्यापक रुचि सेमवाल, मीना घिल्डियाल, उषा चौधरी, अभिभावक तेजपाल सिंह, रानी, मंजू देवी, नीलम, कंचन, चंदा, रितु, मोनी, गुड्डी देवी, गुड़िया आदि उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें:  वित्तीय अनियमितता वाली सहकारी समितियों की होगी एसआईटी जांच

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!