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Jolly Grant International Airport को जौलीग्रांट और भानियावाला दुर्गा चौक के बीच हुआ सर्वे 

सर्वे को अप्रुवल मिली तो जौलीग्रांट का मुख्य बाजार होगा साफ, अठुरवाला और जौलीग्रांट के लोगों पर भी गिरेगी गाज

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Dehradun. देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। इसके लिए जमीन अधिग्रहण को अब प्रशासन द्वारा तीसरी जगह सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है।

यदि इस सर्वे को संबधित विभाग और सरकार द्वारा अप्रुवल मिलती है तो जौलीग्रांट का पूरा बाजार साफ हो जाएगा। जिसमें सैकड़ों दुकानें, मकान, होटल और कई दूसरे व्यवसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।

जौलीग्रांट एयरपोर्ट को इंटरनेशनल स्तर का बनाने के लिए कवायद पिछले कई सालों से की जा रही है। लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या ये आ रही है कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट के एक तरफ जाखन नदी और थानों वन रेंज का घना जंगल है। दूसरी तरफ बड़कोट वन रेंज का घना जंगल है।

तीसरी तरफ जौलीग्रांट अस्पताल और मेडिकल कॉलेज है। और चौथी तरफ अठुरवाला व जौलीग्रांट के वो लोग हैं जो टिहरी बांध और एयरपोर्ट के 2007 में विस्तारीकरण के कारण पहले ही कई बार विस्थापित हो चुके हैं।

 

एयरपोर्ट का प्रस्तावित मैप।

इंटरनेशल एयरपोर्ट का जो पहला मैप बनाया गया था। उसमें एयरपोर्ट को चौड़ा कर अठुरवाला की तरफ बढाया जाना प्रस्तावित था। उसके बाद जो दूसरा मैप बनाया गया उसमें एयरपोर्ट टर्मिनल के पास थानों वन रेंज की करीब 243 एकड जमीन लेनी प्रस्तावित थी। जिसकी नपाई आदि भी हो चुकी थी।

इसके बाद अभी कुछ दिनों पहले तक एक तीसरा मैप सामने आया। जिसमें पुराने जौलीग्रांट बाजार (चोर पुलिया) की लगभग साढे छह है0 जमीन लेनी प्रस्तावित थी। जिसकी नाप जोख भी प्रशासन द्वारा कर ली गई थी।

लेकिन अब जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का एक और मैप सामने आया है। जिसके अनुसार डोईवाला प्रशासन द्वारा एयरपोर्ट बाउंड्री से 900 मीटर दुर्गा चौक, भानियावाला की तरफ और 350 मीटर ऋषिकेश मुख्य मार्ग से अठुरवाला की तरफ पहले चौक के पास तक नाप जोख की गई है।

अब यदि इस नए सर्वे को अप्रुवल मिली तो पुरानी चोरपुलिया से लेकर दुर्गा चौक के पास स्थित ग्रीनलैंड स्कूल तक सभी बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान साफ हो जाएंगे।

इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चाहिए 3650 मीटर लंबा रनवे

Dehradun. जौलीग्रांट एयरपोर्ट को इंटरनेशनल बनाने के लिए कम से कम 3650 मीटर लंबे रनवे की जरूरत पड़ेगी। जबकि वर्तमान में जौलीग्रांट एयरपोर्ट का कुल रनवे 2700 मीटर है।

यानि अभी 950 मीटर लंबे रनवे की और एयरपोर्ट को आवश्यकता है। जिसके लिए अब जौलीग्रांट से लेकर दुर्गा चौक तक का सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे को अप्रुवल मिल तो सैकड़ों घरों, दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर उठने का खतरा मंडरा सकता है।

रानीपोखरी जाखन नदी के कारण आ रही तकनीकी समस्याएं

डोईवाला। रानीपोखरी की जाखन नदी के कारण एयरपोर्ट को नदी की तरफ बढाने में कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। क्योकि रानीपोखरी की तरफ एयरपोर्ट का रनवे काफी गहरा है। और जाखन नदी ऊपर है।

इसके साथ ही पिछले दिनों जाखन नदी में आई बाढ का पानी एयरपोर्ट में घुस गया था। यदि कुछ देर और ऐसे ही पानी चलता तो टर्मिनल को भारी नुकसान भी पहुंच सकता था।

इसलिए भी एयरपोर्ट का रनवे जाखन नदी की तरफ बढाने में कई तकनीकी दिक्कतें हैं। जिस कारण अब जौलीग्रांट बाजार की तरफ जमीन तलाशी जा रही हैं।

कई गांवों और अस्पताल के रास्ते हो जाएंगे बंद

डोईवाला। यदि एयरपोर्ट को दुर्गा चौक की तरफ बढाया जाता है तो देहरादून-ऋषिकेश मुख्य मार्ग को भानियावाला से लेकर रानीपोखरी तक कहीं और शिफ्ट करना पड़ेगा। वहीं प्रदेश सरकार भानियावाला से लेकर ऋषिकेश तक जिस एलिवेटेड रोड को बनाने की बात कर रही है। एयरपोर्ट रनवे बनने से वो एलिवेटेड रोड़ भी नहीं बन पाएगा।

इन्होंने कहा

एयरपोर्ट रनवे के जौलीग्रांट बाजार की तरफ जाने की कोई आधिकारिक जानकारी उनके पास नहीं है। उनके पास एयरपोर्ट के 243 एकड जाखन नदी की तरफ जाने की ऑफिशियल जानकारी है। प्रभाकर मिश्रा एयरपोर्ट निदेशक देहरादून

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