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गुस्सा: विस्थापित परिवार जल संस्थान को नहीं करेंगे बिलों का भुगतान

क्षेत्रवासियों ने बैठक कर लिया निर्णय, सरकार को घेरने की तैयारी

देहरादून। जल संस्थान द्वारा विस्थापित क्षेत्र अठुरवाला के लोगों को पेयजल बिल भेजे जाने के बाद क्षेत्रवासी नाराज हो गए हैं।

क्षेत्रवासियों ने इसी मामले को लेकर एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। बैठक में कहा गया कि विस्थापितों को भारत सरकार द्वारा जल संस्थान को निशुल्क पेयजल योजना के लिए धनराधि उपलब्ध करवाई जानी है। जिसका प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। 2001 में जल संस्थान के अधिकारियों के साथ विस्थापित परिवारों की बैठक के बाद तय हुआ था कि पुर्नवास नीति के तहत मूल विस्थापित परिवारों से कोई पेयजल बिल नहीं लिया जाएगा। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य करतार सिंह नेगी ने कहा कि टिहरी बांध विस्थिापितों से पेयजल बिल नहीं लिया जा सकता है।

कुछ लोगों ने जल संस्थान और सरकार को गुमराह कर रखा है। जिस कारण लोगों पर पेयजल बिल जबरन थोपे जा रहे हैं। इससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि विस्थापित क्षेत्र में आबादी काफी अधिक बढ गई है। जिस कारण विस्थापितों की सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर है। लेकिन अब बिल आने के बाद लोगों की समस्या और अधिक बढ़ गई है। बैठक में ग्रामीणों के हितों के लिए टिहरी बांध विस्थापित पुर्नवास हित संरक्षण समिति का भी गठन किया गया। जो लोगों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य करेगी। मौके पर सरोज सिंह नयाल, सरोज नेगी, जयदेव डोभाल, बेताल नेगी, कमलेश डोभाल, दीपक नेगी, सुरेश डोभाल, कुशाल सिंह असवाल, जगत सिंह, बलबीर गोसाई, रमेशा राणा, सभासद संदीप नेगी, राजेश भट्ट, प्रदीप नेगी आदि उपस्थित रहे।

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