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गृहणियों और दादी-नानी को भा गई पारंपरिक पकवानों की महक

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पारंपरिक पकवानों में है अधिक पोष्टिकता

देहरादून। जौलीग्रांट बारातघर और भानियावाला में कम्यूनिटी बेस्ट इम्यूनिटी के तहत बाल विकास विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में काफी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्तीयों, क्षेत्र की गृहणियों और दादी-नानी आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पोष्टिक आहार के बारे में बताकर जागरूक करना था। कार्यक्रम में आई काफी संख्या में गृहणियों और वृद्ध महिलाओं का तिलक लगाकर और फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी द्वारा तैयार पत्यूड, झगोंरे की खीर, आलू की थिचवानी, दाल के पकोड़े, गुलगुले, फाणू, अरसे आदि परोसे गए। जिसे लोगों ने बड़े चाव से खाया। अम्मा की रेसिपी के तहत लोगों को पारंपरिक खाने के बारे में बताया गया।

सुनीता राणा ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा 1 से 30 सितंबर तक चलाया जा रहा है। जिसमें लोगों को एनीमिया, डायरिया, डेंगू आदि के बारे में बताया जा रहा है। कहा कि महिलाओं को बच्चे से गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष पूरे होने तक अपना व बच्चे का विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। लक्ष्मी कोठियाल ने कहा कि पारंपरिक व्यजनों में काफी पोष्टिकता होती है। इसलिए उन्हे खाने से कई रोगों से बचा जा सकता है। उधर भानियावाला में भी पारंपरिक भोजन के बारे में बताकर जागरूक किया गया। इस अवसर पर डां0 दीप्ति, सभासद संगीता डोभाल, प्रियंका मनवाल, राकेश डोभाल, विनीत मनवाल, उषा पुण्डीर, मीना, सरिता, पुनम कंडवाल, शांति, राधा, सरोज, सोमबाला, दुर्गेश, ईश्वर रौथाण, सुनीता प्रतिमा पाल, रजनी रावत आदि उपस्थित रहे।

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