उत्तराखंडदेशदेहरादूनराजनीति

20 वर्ष बाद कांग्रेस ने दिया डोईवाला को स्थानीय युवा प्रत्याशी

खबर को सुने

भाजपा भी स्थानीय को टिकट दे तो लोगों की होगी स्थानीय की मांग पूरी

Dehradun. राज्य की सबसे हॉट सीट कही जाने वाली डोईवाला विधानसभा को राज्य गठन के बाद पहली बार 20 वर्षो के लंबे इंतजार के बाद स्थानीय प्रत्याशी मिला है।

यह स्थानीय प्रत्याशी कांग्रेस ने डोईवाला को दिया है। अब यदि भाजपा भी किसी स्थानीय चेहरे को टिकट देती है तो डोईवाला वासियों की वर्षो पुरानी स्थानीय की मांग पूरी हो सकती है। कांग्रेस ने डोईवाला विधानसभा चुनाव में इस बार मोहित उनियाल को टिकट दिया है। मोहित उनियाल स्थानीय के साथ ही युवा चेहरा भी हैं। अब डोईवाला की राजनीति की गेंद भाजपा के पाले में है।

यदि भाजपा भी किसी स्थानीय को टिकट देती है तो डोईवाला वासियों की वर्षो पुरानी मांग पूरी हो सकती है। डोईवाला में राज्य गठन के बाद 2002 से लेकर 2017 तक कांग्रेस की तरफ से बीरेंद्र मोहन उनियाल, हीरा सिंह बिष्ट चुनाव लड़ चुके हैं।

जबकि भाजपा की तरफ से त्रिवेंद्र सिंह रावत, रमेश पोखरियाल निशंक चुनाव लड़ चुके हैं। डोईवाला सीट पर त्रिवेंद्र सिंह रावत, निशंक और हीरा सिंह बिष्ट विधायक रह चुके हैं। दोनों ही दलों के विधायकों ने डोईवाला में कई विकास कार्य किए हैं।

कांग्रेस सरकार के समय डोईवाला में तहसील बनी तो भाजपा ने सीपेट, कैंसर अस्पताल, लॉ कॉलेज सहित तमाम बड़े संस्थानों की नींव डोईवाला में रखी। लेकिन फिर भी आम लोगों को यह शिकायत हमेशा रहती थी कि यदि उन्हे अपने विधायक से मिलना हो तो वो कहां जाए।

इसलिए स्थानीय को टिकट की मांग समय-समय पर उठती रही है। डोईवाला के पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट को रायपुर सीट से टिकट देने के बाद कांग्रेस ने डोईवाला में युवा चेहरे के रूप में स्थानीय निवासी मोहित उनियाल को टिकट देकर बड़ा दाव चला है।

लेकिन लंबे समय से डोईवाला मे जीत दर्ज करती आ रही भाजपा आसानी से इस सीट को कांग्रेस के खाते में नहीं जाने देगी। यही कारण है कि भाजपा उस तुरूप के पत्ते की तलाश में है। जो डोईवाला में उसकी जीत को बरकरार रख सके। फिलहाल डोईवाला में कांग्रेस ने स्थानीय युवा चेहरे को आगे बढाकर चुनाव को रोचक बना दिया है। अब चुनावी चाल की बारी भाजपा की है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!