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जानिए क्यों है डोईवाला का विधायक बनना हर बड़े नेता का सपना

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डोईवाला से चुनाव लड़ना चाहता है हर बड़ा नेता

डोईवाला। राजधानी का द्वार कही जाने वाली प्रदेश की सबसे हॉट सीट में शूमार डोईवाला में इस बार भी विधानसभा चुनाव काफी रोचक रहेगा।

प्रदेश में जितने भी बड़े नेता रहे हैं। या वर्तमान में हैं। हर नेता की डोईवाला में सक्रियता रही है। डोईवाला के स्थानीय नेताओं का यहां का विधायक बनने का सपना देखना बिलकुल जायज है। लेकिन प्रदेश के बड़े नेता भी डोईवाला का विधायक बनने का सपना संजोय हुए हैं।

सबसे पहले बात करते हैं प्रदेश के पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की। जिन्हे डोईवाला की जनता ने 2014 के उपचुनाव को छोड़कर कभी निराश नहीं किया। त्रिवेंद्र सिंह रावत डोईवाला से 2002, 2007 व 2017 में विधायक रहे हैं।

वहीं पूर्व काबीना मंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हीरा सिंह बिष्ट भी यहां 2014 उपचुनाव में जीत दर्ज चुके हैं। दोनों अब यही से चुनाव लड़ना चाहते हैं। 2012 में हरिद्वार सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री निशंक भी यहां से विधायक रह चुके हैं। पूर्व सीएम हरीश रावत भी यहां काफी सक्रिय रहते हैं।

और अब हरक सिंह रावत के भी डोईवाला से चुनाव लड़ने की काफी चर्चाएं सामने आ चुकी हैं।  इससे साफ है कि डोईवाला से विधायक बनना प्रदेश के हर बड़े नेता का सपना रहा है।

अब बड़ा सवाल ये है कि डोईवाला में ऐसा क्या है जो हर बड़ा नेता यही से चुनाव लड़ने की इच्छा रखता है। तो इसका जवाब है डोईवाला की भौगोलिक, सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक स्थिति का मजबूत होना। डोईवाला विधानसभा में पहाड़ी क्षेत्र भी है तो मैदानी क्षेत्र भी है। थानों वन रेंज, लच्छीवाला वन रेंज और बड़कोट वन रेंज यहां हैं।

राजाजी पार्क से भी डोईवाला सटा हुआ है। लालतप्पड़ इंण्डस्ट्रियल एरिया, राजधानी की एकमात्र शुगर मिल, नामी पब्लिक स्कूल, एसडीआरएफ मुख्यालय, जौलीग्रांट एयरपोर्ट, हिमालयन अस्पताल व मेडिकल कॉलेज सहित तमाम बड़े संस्थान यहां हैं। और कई बड़े संस्थान खुल रहे हैं।

सौंग नदी, जाखन नदी व सुसवा नदी सहित कई छोटी-बड़ी नदियां यहां से होकर बहती हैं। हिंदी, मुश्लिम सिक्ख, ईसाई हर जाति वर्ग का व्यक्ति यहां रहता है। इसके अलावा किसान, सरकारी कर्मचारी, सैनिक, पूर्व सैनिक, दुकानदार आदि की भी संख्या भी यहां काफी हैं।

और यदि रानीपोखरी व थानों के कुछ पहाड़ी क्षेत्रों को छोड़ दे तो इस विधानसभा में  विकास काफी हो चुका है। डोईवाला राजधानी देहरादून से भी सटा हुआ है। यही कारण है कि हर बड़ा नेता डोईवाला से विधायक बनना चाहता है। इसलिए हर विस चुनाव में डोईवाला में टिकट के लिए घमासान की स्थिति बनती है।

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